Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • उचित मूल्य की दुकानों तक आवश्यक वस्तुओं के परिवहन एवं मजदूरी कार्य हेतु निविदाएं आमंत्रित
    • मशीन ऑपरेटर के 100 पदों के लिए उप रोजगार कार्यालय रामपुर में 8 सितंबर को होगा कैंपस इंटरव्यू का आयोजन
    • आरसेटी में आरंभ हुआ 35 दिवसीय ब्यूटीशियन कोर्स
    • नेपाल की त्रासदी को ‘चेतावनी’ मानने की जरूरत, हिमालयी क्षेत्र में बढ़ते खतरे पर जताई चिंता : नाथूराम चौहान
    • विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति एवं क्रियान्वयन के सम्बन्ध समीक्षा बैठक आयोजित
    • राहुल गांधी पर एफआईआर के खिलाफ कांग्रेस ने किया धरना प्रदर्शन
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Wednesday, September 2
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»हिमाचल: अंग्रेजी माध्यम से पढ़ा सकते हैं पर पढ़ाते नहीं
    हिमाचल प्रदेश

    हिमाचल: अंग्रेजी माध्यम से पढ़ा सकते हैं पर पढ़ाते नहीं

    By adminawJune 23, 2019
    Facebook WhatsApp

    ददाहू : सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत सरकार विभाग जो जानकारी देते हैं , हकीकत में वह भी सच की कसौटी पर खरी नहीं होती | जानकारी कुछ दी जाती है और हो जो रहा है वह एकदम उलट है |

    जानकारी दी जाती है कि ददाहू के सरकारी स्कूलों में खासकर प्राइमरी व कन्या उच्च विद्यालय मैं स्टाफ पूरा है और वह बच्चों को अभिभावकों के आग्रह पर अंग्रेजी माध्यम से शिक्षित करने में सक्षम है यानी कि सरकारी स्कूल शिक्षक अंग्रेजी पढ़ानी जानते हैं | इस खुशफहमी मैं
    ददाहू के कई अभिभावकों ने अपने बच्चों के ऐडमिशन यहां की प्राइमरी व कन्या माध्यमिक पाठशाला में करवाएं लेकिन जब अभिभावकों ने इन दोनों स्कूलों में नियुक्त शिक्षकों से बच्चों को अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाने का आग्रह किया तो शिक्षकों ने इस तर्क के साथ अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाने से स्पष्ट इनकार कर दिया कि उनके पास स्टाफ की काफी कमी है इतनी कमी की चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का काम भी वे बच्चों से करवा रहे हैं |

    सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब स्कूलों में स्टाफ कम है और वह अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाने में सक्षम नहीं है इस योग्य नहीं है तो फिर सूचना का अधिकार एक्ट के तहत यह जानकारी किस आधार पर दी जा रही है कि स्टाफ पर्याप्त है और सरकारी स्कूलों में नियुक्त शिक्षक अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाने में सक्षम है ताज्जुब तो यह है कि अभिभावकों ने उक्त दोनों स्कूलों के अंग्रेजी माध्यम को लेकर  अपनाए गए रुख से जब शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया तो उनसे भी निराशा ही हाथ लगी अधिकारियों ने भी शिक्षकों के मनमाने रवैय के खिलाफ कोई कार्यवाही करनी तो दूर इसका आश्वासन तक नहीं दिया |

    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp


    cmhp


    cmhp


    cmhp

    Recent
    • उचित मूल्य की दुकानों तक आवश्यक वस्तुओं के परिवहन एवं मजदूरी कार्य हेतु निविदाएं आमंत्रित
    • मशीन ऑपरेटर के 100 पदों के लिए उप रोजगार कार्यालय रामपुर में 8 सितंबर को होगा कैंपस इंटरव्यू का आयोजन
    • आरसेटी में आरंभ हुआ 35 दिवसीय ब्यूटीशियन कोर्स
    • नेपाल की त्रासदी को ‘चेतावनी’ मानने की जरूरत, हिमालयी क्षेत्र में बढ़ते खतरे पर जताई चिंता : नाथूराम चौहान
    • विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति एवं क्रियान्वयन के सम्बन्ध समीक्षा बैठक आयोजित
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.