Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • उचित मूल्य की दुकानों तक आवश्यक वस्तुओं के परिवहन एवं मजदूरी कार्य हेतु निविदाएं आमंत्रित
    • मशीन ऑपरेटर के 100 पदों के लिए उप रोजगार कार्यालय रामपुर में 8 सितंबर को होगा कैंपस इंटरव्यू का आयोजन
    • आरसेटी में आरंभ हुआ 35 दिवसीय ब्यूटीशियन कोर्स
    • नेपाल की त्रासदी को ‘चेतावनी’ मानने की जरूरत, हिमालयी क्षेत्र में बढ़ते खतरे पर जताई चिंता : नाथूराम चौहान
    • विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति एवं क्रियान्वयन के सम्बन्ध समीक्षा बैठक आयोजित
    • राहुल गांधी पर एफआईआर के खिलाफ कांग्रेस ने किया धरना प्रदर्शन
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Wednesday, September 2
    Himachal Varta
    Home»ताजा समाचार»आरक्षित वन क्षेत्रों में सूखे कटे पेड़ रुडकाए जाने से लाखों की वन संपदा हो रही है नष्ट
    ताजा समाचार

    आरक्षित वन क्षेत्रों में सूखे कटे पेड़ रुडकाए जाने से लाखों की वन संपदा हो रही है नष्ट

    By adminawJune 5, 2019
    Facebook WhatsApp


    फील्ड वन कर्मचारियों को सब पता होता है लेकिन  ठेकेदारोंके हौसले बढ़ाने में लगे रहते हैं



    नाहन।। जिला सिरमौर के आरक्षित वन क्षेत्रों में सरेआम देख सकते हैं इन वन क्षेत्रों में इन दिनों सूखे पेड़ काटने का काम ठेकेदारों के जरिए टेंडर प्रक्रिया से जारी है ठेकेदार अपनी मर्जी के मालिक हैं सूखे पेड़ काटकर लुढ़का देते हैं या फिर वन भूमि में ही कच्ची सड़कें निकाल कर उन्हें वाहनों के जरिए धो रहे हैं इससे वन संपदा का बड़े पैमाने पर नुकसान हो रहा है वन विभाग ने लगता है ठेकेदारों को मनमर्जी की खुली छूट दी हुई है और अपने आप मुख दर्शक बना है जबकि निविदाओं मैं शर्त यह होती है कि कटे पेड़ उठाकर ले जाने होंगे ताकि वन संपदा को कोई नुकसान न हो सिरमौर जिले के वन क्षेत्रों में सूखे पेड़ वाह गिरे हुए पेड़ों को काटकर उठाने का काम चला ही रहता है जो ठेकेदार इन पेड़ों को काटने का ठेका लेता है वह अपनी सुविधा को देखते हुए जहां तक वहां जा सकते हैं वहां तक वहां ले जाते हैं नहीं तो लुडकान कर अपना कार्य पूर्ण करने में लगे रहते हैं |
    जबकि आरक्षित वन क्षेत्रों में ऐसा करने की पूरी नहीं है क्योंकि ऐसा करने से छोटे बड़े पौधे व अन्य खनिज नष्ट हो रहे हैं वन विभाग के खासकर फील्ड कर्मचारियों को सब पता होता है लेकिन मुख दर्शक बन ठेकेदारों के हौसले बढ़ाने में लगे रहते हैं जब कोई पर्यावरण या वन सेवी इस अंधेर गर्दी की ओर वन कर्मियों का ध्यान आकर्षित करता है तो उल्टा उसे ही पूछा जाता है कि ठेकेदार लकड़ी कैसे ले जाएं यानी वन विभाग वाले ठेकेदार के मितवा सुविधा के लिहाज से उसके पक्ष मैं ही बात करते हैं मामला ज्यादा तूल पकड़े या दबाव बनाने पर छोटी मोटी डैमेज रिपोर्ट बनाकर मामूली जुर्माना राशि भरकर मामला रफा दफा कर दिया जाता है |

    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp


    cmhp


    cmhp


    cmhp

    Recent
    • उचित मूल्य की दुकानों तक आवश्यक वस्तुओं के परिवहन एवं मजदूरी कार्य हेतु निविदाएं आमंत्रित
    • मशीन ऑपरेटर के 100 पदों के लिए उप रोजगार कार्यालय रामपुर में 8 सितंबर को होगा कैंपस इंटरव्यू का आयोजन
    • आरसेटी में आरंभ हुआ 35 दिवसीय ब्यूटीशियन कोर्स
    • नेपाल की त्रासदी को ‘चेतावनी’ मानने की जरूरत, हिमालयी क्षेत्र में बढ़ते खतरे पर जताई चिंता : नाथूराम चौहान
    • विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति एवं क्रियान्वयन के सम्बन्ध समीक्षा बैठक आयोजित
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.