ददाहू सिविल अस्पताल की
यह पहचान है जानी-मानी,
यहां पर उपचार कराने में है
आती याद खूब दादी-नानी।
अस्पताल में काफी दूर-दराज से
आते हैन यहां रोज मरीज अनेक,
पर इलाज करने को यहां
अक्सर डाक्टर सिर्फ एक।
वैसे नियुक्त यहां हैं दो डाक्टर
पर एक जब छुट्टी पर रहता,
उपचार करवाने में यहां तब
मरीजों का है दम सा घुटता।
जब देखों लम्बी-लम्बी लाइन
डाक्टर के आगे लगी दिखती,
जिनका आ नहीं पाता नंबर
उन्हें आगे की तारीख है मिलती।
ऐसे में जो इलाज के लिए
दूर-दूर से आये हैं यहां होते,
वक्त व पैसा दोनों बर्बाद देख
स्वास्थ्य मंत्री को कोसते जाते।
ददाहू सिविल अस्पताल में
अन्य स्टाफ भी है कम,
इससे यहां से नाहन-चंडीगढ़
मरीज ‘रेफर’ होते हैं हरदम।
पैसा इस अस्पताल पर
पानी की तरह है बहा अब तक,
पर बतायेगा ये कौन कि यहां
हालात सुधर जायेंगे कब तक।
वैसे भी मानको के अनुसार
यहां हो जाती सभी सुविधाएं,
मरीज-तीमारदार कोसते नहीं,
जयराम जी को देते दुआएं।
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Wednesday, September 2
