नलों में आ रहा बेहद गंदा पानी
ददाहू। ग्राम पंचायत से लेकर तहसील तक के हैसियत वाले ददाहू में नलों में आ रहा पानी बेहद गंदा है, जैसे आईपीएच विभाग पानी की नहीं बीमारियों की आपूर्ति कर रहा हो। ददाहू में कई पेयजल योजनाओं के माध्यमों से जलापूर्ति की व्यवस्था है वर्षा के मौसम में आईपीएच विभाग वर्षा का जो पानी टैंकों में जमा होता है उसे ज्यों का त्यों उपभोक्ताओं को अपूर्ति कर रहा है। यह पानी साफ नहीं है वैसे भी जो पेयजल योजनाएं ददाहू को पानी दे रही है उनमें कहीं फिल्टर नहीं लगे है। अन्य मौसम में कुदरती तौर पर पानी दिखता है भले ही उसमें कुछ न कुछ गंदगी या रोग पैदा करने वाले सूक्ष्म या अति सूक्ष्म कीटाणु हो। जबकि वर्षा में बिना छना हुआ पानी अपूर्ति किए जाने से लगता है आईपीएच विभाग को लोगों की जान की जरा भी परवाह नहीं यह भी तब जबकि स्वास्थ्य विभाग इस मौसम में पानी छानकर उबालकर इस्तेमाल करने की सलाह सुझाव देता रहता है। सवाल उठना स्वभाविक है कि जब नलों में ही बेहद गंदा पानी आ रहा है जोकि साफ करना भी आसान नहीं है उसे खाना पकाने, पीने के लिए प्रयोग में लाया भी जाए तो कैसे। लोगों का कहना है कि सरकार पेयजल योजनाओं पर करोड़ों रुपए खर्च कर रही है लेकिन पीने खाना पकाने को स्वच्छ पानी नहीं मिल रहा है ऐसा इसलिए है की योजनाओं पर तो करोड़ों खर्च हो जाते हैं पर इसमें से एक भी रुपया पानी साफ करने के उपकरण लगवाने या इस तकनीक का इस्तेमाल करने पर खर्च नहीं होता कुछ लोगों ने बताया की ददाहू में पानी की सप्लाई करने वाली एक भी पाइपलाइन को यदि फिल्टर से जोड़ा जाता तो कई घरों को साफ पानी मिलता। हद तो यह है कि यहां के सरकारी अस्पताल तक में मरीजों को इन दिनों शायद ही साफ पानी उपलब्ध हो। उन्होंने बताया कि पेयजल योजनाओं में पानी साफ करने की तकनीक लगाने की मांग वर्षों से की जा रही है जिस पर आईपीएच विभाग ध्यान न देकर गंदे पानी की आपूर्ति करके ददाहू वालों को सीधे बीमारियां परोस रहा है।
Breakng
- प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्र की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत – संजय अवस्थी
- उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक
- पहाड़ों की कीमत पर विकास मंजूर नहीं, खनन में जवाबझदेही तय करे सरकार : पूर्व मेजर जनरल अतुल कौशिक
- रेणुकाजी के विधायक विनय कुमार ने की कार्यक्रम की अध्यक्षता, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान पर दिया जोर
- महिला आर्थिकी के साथ क्षेत्र के विकास को नई दिशा प्रदान करेंगी टमाटर प्रसंस्करण इकाइयां – डॉ. शांडिल
- नई तकनीक की जानकारी एवं कौशल उन्नयन बेहतर रोज़गार एवं स्वरोज़गार के लिए आवश्यक – डॉ. शांडिल
Sunday, October 18