Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्र की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत – संजय अवस्थी
    • उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक
    • पहाड़ों की कीमत पर विकास मंजूर नहीं, खनन में जवाबझदेही तय करे सरकार : पूर्व ‌मेजर जनरल अतुल कौशिक
    • रेणुकाजी के विधायक विनय कुमार ने की कार्यक्रम की अध्यक्षता, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान पर दिया जोर
    • महिला आर्थिकी के साथ क्षेत्र के विकास को नई दिशा प्रदान करेंगी टमाटर प्रसंस्करण इकाइयां – डॉ. शांडिल
    • नई तकनीक की जानकारी एवं कौशल उन्नयन बेहतर रोज़गार एवं स्वरोज़गार के लिए आवश्यक – डॉ. शांडिल
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Sunday, October 18
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»समाज कल्याण से जुड़ी समितियों के गैर सरकारी सदस्यों को जारी किए जाएंगे पहचान पत्र- उपायुक्त
    हिमाचल प्रदेश

    समाज कल्याण से जुड़ी समितियों के गैर सरकारी सदस्यों को जारी किए जाएंगे पहचान पत्र- उपायुक्त

    By Himachal VartaAugust 29, 2019
    Facebook WhatsApp

    सक्षम अधिकारी स्वयं बैठकों में मौजूद होना बनाएं सुनिश्चित
    आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए स्वास्थ्य रक्षक पौधों का किया जाएगा पौधारोपण
    नाहन।
    उपायुक्त सिरमौर डॉ आरके परुथी ने निर्देश देते हुए कहा कि समाज कल्याण से जुड़ी विभिन्न जिला स्तरीय समितियों के गैर सरकारी सदस्यों को पहचान पत्र जारी किए जाने की प्रक्रिया शुरू की जाए। उपायुक्त ने यह बात आज अल्पसंख्यक वर्ग के कल्याण के लिए शुरू किए गए प्रधानमंत्री नया 15 सूत्रीय कार्यक्रम के अलावा अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के तहत गठित जिला स्तरीय सतर्कता एवं प्रबोधन समिति की बैठकों की अध्यक्षता करते हुए कही। गैर सरकारी सदस्य द्वारा पहचान पत्र जारी करने की मांग पर सहमति जताते हुए उपायुक्त ने जिला कल्याण अधिकारी को कहा कि इस दिशा में जल्द कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि समिति के गैर सरकारी सदस्यों को पहचान पत्र जारी होने के बाद उन्हें फील्ड में जाकर विभिन्न संस्थानों के निरीक्षण करने में सुविधा प्राप्त होगी। इसके अलावा संबंधित संस्थान के कर्मचारी भी गैर सरकारी सदस्यों की पहचान सुगमता से कर पाएंगे। उपायुक्त ने गैर सरकारी सदस्यों से आग्रह करते हुए कहा कि वे सिरमौर जिले में फील्ड विजिट अवश्य करें ताकि वस्तु स्थिति को लेकर सही फीडबैक भी निरंतर मिलता रहे।
    उपायुक्त ने यह भी बताया कि आयुर्वेद विभाग के माध्यम से एक ऐसी कार्य योजना तैयार की जा रही है जिसके तहत जिले के आंगनवाड़ी केंद्रों के समीप ऐसे पौधों का पौधा रोपण किया जाएगा जो आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चों के स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी साबित होंगे। आयुर्वेद और महिला एवं बाल विकास विभागों के संयुक्त तत्वावधान में इस कार्य को अंजाम दिया जाएगा। उपायुक्त ने शिक्षा उपनिदेशक को शिक्षण संस्थानों में उर्दू और पंजाबी विषयों के अध्यापकों की तैनाती को लेकर जरूरी कदम उठाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि जब तक स्थाई व्यवस्था नहीं होती है तब तक शिक्षा विभाग डेपुटेशन के आधार पर ऐसी व्यवस्था बनाए ताकि उर्दू और पंजाबी विषयों को पढ़ने वाले विद्यार्थियों को इन विषयों को पढ़ने को लेकर समस्याओं का सामना ना करना पड़े। उपायुक्त ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को मेधावी छात्राओं के लिए कार्यान्वित की जा रही मौलाना आजाद राष्ट्रीय छात्रवृति योजना के ऑनलाइन पंजीकरण को लेकर सामने आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए भी कहा ताकि पात्र विद्यार्थियों को इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ मिलना सुनिश्चित हो सके। उपायुक्त ने यह भी कहा कि विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देश भी दिए जाएंगे कि दिव्यांगों के कल्याणार्थ चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के लाभ पर आधारित जानकारियां बुकलेट अथवा ब्रोशर के रूप में दिव्यांगों तक पहुंचाना सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने कहा कि कई बार जानकारी के अभाव में पात्र व्यक्ति योजना का लाभ नहीं उठा पाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नगर परिषद और नगर पंचायतें पार्किंग स्थल विकसित करते समय दिव्यांगों की जरूरतों को भी अवश्य ध्यान में रखें।
    उपायुक्त ने बैठक से गैरहाजिर कुछ अधिकारियों का संज्ञान लेते हुए निर्देश दिए कि इस तरह की महत्वपूर्ण बैठकों में सक्षम अधिकारी ही अपनी मौजूदगी सुनिश्चित बनाएं ताकि बैठकों में लिए गए फैसलों को व्यावहारिक तौर पर अमलीजामा पहनाया जा सके। उपायुक्त ने एसडीएम की अध्यक्षता वाली उपमंडल स्तरीय समितियों को कार्यशील बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया और कहा कि उपमंडल स्तरीय बैठकें भी तय अवधि के मुताबिक आयोजित होती रहनी चाहिए। जिला कल्याण अधिकारी विवेक अरोड़ा ने विभिन्न समितियों के कार्यों का ब्यौरा प्रस्तुत किया। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त प्रियंका वर्मा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र ठाकुर के अलावा समितियों से जुड़े अन्य विभागीय अधिकारी और गैर सरकारी सदस्य भी मौजूद रहे।

    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्र की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत – संजय अवस्थी
    • उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक
    • पहाड़ों की कीमत पर विकास मंजूर नहीं, खनन में जवाबझदेही तय करे सरकार : पूर्व ‌मेजर जनरल अतुल कौशिक
    • रेणुकाजी के विधायक विनय कुमार ने की कार्यक्रम की अध्यक्षता, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान पर दिया जोर
    • महिला आर्थिकी के साथ क्षेत्र के विकास को नई दिशा प्रदान करेंगी टमाटर प्रसंस्करण इकाइयां – डॉ. शांडिल
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.