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    Home»चण्डीगढ़»पंजाब समेत कई राज्यों को अभी तक अगस्त और सितम्बर का जीएसटी मुआवज़ा नहीं मिला
    चण्डीगढ़

    पंजाब समेत कई राज्यों को अभी तक अगस्त और सितम्बर का जीएसटी मुआवज़ा नहीं मिला

    By Himachal VartaNovember 22, 2019
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    राज्यों की वित्तीय हालत ख़स्ता, केंद्रीय वित्त मंत्री को बिना देरी के राशि जारी करने की अपील
    मनप्रीत सिंह बादल समेत अलग-अलग राज्यों के वित्त मंत्रियों द्वारा नई दिल्ली में उच्च स्तरीय मीटिंग
    चंडीगढ़। पश्चिमी बंगाल, केरला, दिल्ली, राजस्थान और पंजाब के वित्त मंत्रियों ने केंद्रीय वित्त मंत्री को अगस्त और सितम्बर महीने का जीएसटी मुआवज़ा राशि तुरंत जारी करने की अपील की है। नयी दिल्ली में पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल समेत इन राज्यों के वित्त मंत्रियों ने आज जीएसटी सम्बन्धी हुई एक उच्च स्तरीय मीटिंग में हिस्सा लिया।
    एक साझा बयान जारी करते हुए इन राज्यों के वित्त मंत्रियों ने कहा कि अगस्त और सितम्बर महीनों के लिए जी.एस.टी. मुआवज़ा राशि, जो केंद्र सरकार की तरफ से अक्तूबर महीने में अदा करनी थी, अभी तक जारी नहीं की गई है। तकरीबन एक महीने की इस देरी सम्बन्धी कोई स्पष्टीकरण भी नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि नतीजे के तौर पर राज्यों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है और कुछ राज्य वैकल्पिक तरीकों और साधनों या ओवरड्राफ्टों के द्वारा काम चला रहे हैं।
    वित्त मंत्रियों के अनुसार राज्यों के राजस्व में जी.एस.टी. का हिस्सा 60 प्रतिशत है। बहुत से राज्य कुल जी.एस.टी. के 50 प्रतिशत तक के घाटे का सामना कर रहे हैं। इतने बड़े घाटे राज्यों के बजट और योजना प्रक्रियाओं में रुकावट बन रहे हैं और राज्यों की सभी गतिविधियां रुकी पड़ी हैं।
    गौरतलब है कि राज्यों को वित्तीय मज़बूती देने के मकसद के अंतर्गत राज्यों को निर्विघ्न और समय पर मुआवज़ा राशि देने का यकीन दिलाया गया था। इस सम्बन्धी वित्त मंत्रियों की उच्च स्तरीय कमेटी में काफ़ी विचार-चर्चा भी हुई थी और संविधान में जब ऐसी व्यवस्था कर दी गई कि जीएसटी मुआवज़ा राशि मिलने में राज्यों को कोई दिक्कत नहीं आयेगी तो राज्यों ने जीएसटी में शामिल होने के लिए अपनी सहमति दी थी।
    वित्त मंत्रियों ने कहा कि मुआवज़े में हुई मौजूदा देरी ने उन राज्यों के भरोसे को ख़त्म कर दिया है जिन्होंने अब तक जी.एस.टी. का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि समय- समय पर पेश आईं कई चुनौतियों के बावजूद राज्यों ने जी.एस.टी.सी. के सभी बड़े फ़ैसलों में अपना समर्थन दिया है।
    राज्यों के वित्त मंत्रियों ने केंद्रीय वित्त मंत्री से अपील की है कि वह इस मामले में निजी दख़ल देकर बिना किसी देरी के मुआवज़ा जारी करें।
    उन्होंने यह सुझाव भी दिया कि इस मामले को जी.एस.टी.सी. की अगली मीटिंग के एजंडे में शामिल किया जाये और भविष्य में बिना किसी देरी के न्यायपूर्वक तरीकों से मुआवज़ा देने के लिए एक उपयुक्त प्रणाली विकसित की जाये।

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