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    Home»हिमाचल प्रदेश»संविधान दिवस पर शिमला में राज्य स्तरीय समारोह आयोजित
    हिमाचल प्रदेश

    संविधान दिवस पर शिमला में राज्य स्तरीय समारोह आयोजित

    By Himachal VartaNovember 26, 2019
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    शिमला। संविधान दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय समरोह आज यहां गयेटी थियेटर में आयोजित किया गया। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय समरोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे जबकि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने समारोह की अध्यक्षता की।
    राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने इस अवसर पर कहा कि यह हमारे संविधान की विशेषता है कि इसने विश्व के सबसे बडे़ लोकतंत्र भारत की उन्नति में प्रमुख भूमिका निभाई है। डाॅ. भीम राव अम्बेडकर के भारतीय संविधान में महत्वपूर्ण योगदान से भारत के नागरिक लाभान्वित हुए हैं। भारतीय नागरिकों को न्याय, समानता, स्वतंत्रता देने के लिए भारतीय संविधान को अपनाया गया था। संविधान को अपनाने के बाद देश के नागरिकों ने नए संवैधानिक, वैज्ञानिक भारत में प्रवेश किया जिसने शान्ति, नम्रता और विकास का सूत्रपात किया।
    श्री दत्तात्रेय ने कहा कि भारतीय संविधान समस्त विश्व के लिए एक विशिष्ट दस्तावेज है, और इस महान योगदान देने के लिए बाबा सहिब को कभी भुलाया नहीं जा सकता। हमारा संविधान नागरिकों के कत्र्तव्यों और अधिकारों में सन्तुलन बनाए रखता है जो हमारे संविधान की विशेषता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मौलिक कत्र्तव्यों पर ध्यान देने की विशेष आवश्यकता है। समाज में तब तक प्रजातंत्र की पूर्ण स्थापना संभव नहीं जब तक नागरिकों के मौलिक कत्र्तव्यों को उनके अधिकारों के साथ न जोड़ा जाए।
    राज्यपाल ने कहा कि भारतीय संविधान स्वतंत्र न्यायपालिका, प्रशासन और स्वतंत्र विधायिका को महत्व प्रदान करता है। लोकतंत्र का चैथा स्तम्भ निष्पक्ष और निडर मीडिया इसे अधिक सशक्त बनाता है। उन्होंने कहा के देश की उन्नति के लिए संवैधानिक कत्र्तव्यों की ओर अधिक ध्यान देेने की आवश्यकता है।
    संविधान दिवस के अवसर पर उन्होंने उपस्थित लोगों को शपथ भी दिलाई।
    मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने इस अवसर पर कहा कि वर्ष 1949 में आज ही के दिन भारत के संविधान को अपनाया गया और 26 जनवरी, 1950 को लागू किया गया। संविधान दिवस आयोजित करने का उद्देश्य भारतीय संविधान के महत्व और इसके रचनाकार डाॅ. बी.आर. अम्बेडकर के बारे में जागरूकता उत्पन्न करना है।
    उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान की भूमिका प्रजातंत्र की रक्षा करना, देश की एकता, सौहार्द और अखंडता को हर कीमत पर बनाए रखना है। भारतीय संविधान देश के सभी कानूनों से ऊपर है और सरकार द्वारा लागू किया जाने वाला प्रत्येक कानून संविधान के अनुपालन में होता है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि डाॅ. अम्बेडकर एक महान समाज सुधारक, राजनीतिज्ञ और विधिविद् थे जिन्हें भारतीय संविधान का जनक भी कहा जाता है। उन्हें संविधान का प्रारूप तैयार करने वाली समिति की अध्यक्ष बनाया गया था। उन्होंने कहा कि हमारा संविधान भारत को सार्वभौम, समाजवादी, धर्म निरपेक्ष, प्रजातंत्रिक गणराज्य घोषित करता है, जो इसके नागरिकों को न्याय, समानता और स्वतंत्रता तथा भाईचारे की भावना को निश्चित करता है।
    डाॅ. भीम राव अम्बेडकर के योगदान को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने संविधान को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और हमारे संविधान ने पिछले 70 वर्षों में प्रजातंत्र को सुदृढ़ करने और सशक्त किया है। भारत के संविधान में नागरिकों के अधिकारों और कत्र्तव्यों को विशिष्ट रूप से दर्शाया गया है, जिन्हें हम सभी को आत्मसात् करना चाहिए।
    जय राम ठाकुर ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के उपरांत यह आम धारणा थी कि सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता के कारण इस बड़े देश को कुशलतापूर्वक चलाने में कठिनाईयां आयेंगी। जिस प्रकार सरदार पटेल को देश के 564 रियासतों के विलय का कठिन कार्य सौंपा गया था, उसी प्रकार डाॅ. अम्बेडकर को भारतीय संविधान का प्रारूप तैयार करने का जिम्मा दिया गया था। इन दोनों महान और दूरदर्शी नेताओं ने सतर्कतापूर्वक अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।
    उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को भारतीय संविधान के बारे में जागरूक करने के लिए प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थानों में जागरूकता शिविर और अभियान आयोजित किए जायेंगे।
    शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि भारत का संविधान न केवल विश्व का सर्वश्रेष्ठ संविधान है, बल्कि यह विश्व का सबसे बड़ा संविधान भी है। संविधान हमें कई अधिकार प्रदान करने के साथ-साथ नागरिकों के हितों की रक्षा भी करता है। भारत और पाकिस्तान ने एक साथ स्वतंत्रता प्राप्त की लेकिन भारतीय प्रजातंत्र आज भी अखंड है, जबकि पाकिस्तान में प्रजातंत्र केवल नाम के लिए है। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान केवल 19 महीनों को छोड़कर देश का प्रजातंत्र हमेशा बरकरार रहा है।
    मुख्य सचिव डाॅ. श्रीकांत बाल्दी ने कहा कि आज के दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य देश के लोगों को संविधान के प्रति शिक्षित और जागरूक बनाना है।
    इस अवसर पर प्रसिद्ध निर्देशक श्याम बेनेगल द्वारा भारतीय संविधान पर निदेर्शित वृत्त चित्र प्रस्तुत किया गया।
    भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान की शिक्षक डाॅ. रेखा ने भी भारतीय संविधान पर अपने विचार रखे।
    विधायक राकेश जम्बाल और रीना कश्यप, हिमफैड के अध्यक्ष गणेश दत्त, विपणन बोर्ड के अध्यक्ष बलदेव भंडारी, कैलाश फैडरेशन के अध्यक्ष रवि मेहता, उप महापौर राकेश शर्मा, सचिव सामान्य प्रशासन देवेश कुमार इस अवसर पर उपस्थित थे।

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