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    Home»हिमाचल प्रदेश»वित्त वर्ष 2020-21 में नाबार्ड ने सिरमौर के लिए 2087 करोड़ संभाव्यता युक्त ऋण योजना का प्रारूप किया तैयार-डॉ0परूथी
    हिमाचल प्रदेश

    वित्त वर्ष 2020-21 में नाबार्ड ने सिरमौर के लिए 2087 करोड़ संभाव्यता युक्त ऋण योजना का प्रारूप किया तैयार-डॉ0परूथी

    By Himachal VartaDecember 19, 2019
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    पिछले वर्ष के पीएलपी अनुमानों से 10.10 प्रतिशत अधिक
    नाहन। जिला सिरमौर के लिए नाबार्ड द्वारा आगामी वित्त वर्ष 2020-21 के लिए 2087 करोड़ रूपये की संभाव्यता युक्त ऋण योजना (पीएलपी) तैयार की गई है जिसके प्रारूप का विमोचन उपायुक्त सिरमौर डॉ0आर0के0परूथी द्वारा किया गया। उन्होेने कहा कि इस ऋण योजना में चालू वित वर्ष की ऋण योजना के मुकाबले 191 करोड़ अर्थात 10.10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।
    उन्होंने बताया कि सिरमौर जिला में आगामी वित वर्ष के लिए तैयार संभावित ऋण योजना में एमएसएमई को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया है जिसमें वर्ष 2020-21 की पीएलपी में 878 करोड़ रूपये एमएसएमई क्षेत्र के लिए, 514 करोड़ रूपये फसल उत्पादन क्षेत्र, 422 करोड़ रूपये कृषि सावधि ऋण तथा निर्यात, शिक्षा, आवास आदि अन्य क्षेत्रों के लिए शेष ऋण संभाव्यता 273 करोड़ रूपये का अनुमान है।
    उपायुक्त ने नाबार्ड द्वारा संभाव्यता युक्त ऋण योजना को बेहतरीन ढंग से तैयार करने पर बधाई देते हुए कहा कि इस संभाव्यता युक्त ऋण योजना को जिला में कार्यरत सभी बैंकों के माध्यम से कार्यान्वित किया जाएगा ।
    नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक गौरव शर्मा ने बताया कि नाबार्ड ने प्राकृतिक संसाधान प्रबंधन पर कार्य करने के लिए पहल शुरू की है जिसमें मुख्यतः जनजाति विकास पर जोर दिया जाता है, नाबार्ड तथा अन्य हितधारकों के साथ मिलकर बैंक योजना एवं क्षेत्र आधारित योजना के क्रियान्वन द्वारा चिन्हित क्षेत्र/गतिविधि पर जोर दिया जा रहा है। क्षेत्र आधारित योजना के तहत डेयरी विकास तथा बकरी पालन को चुना गया है, जिसकी जिले में अच्छी संभावनाएं हैं। पशुपालन विशेषकर डेयरी किसानों का सहायक व्यवसाय है, बैंकों को डेयरी की इकाइयों के लिए उदार ऋण देना चाहिए। बैंक ऋण की मदद से किसानों को बछड़ा पालन तथा चारा उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

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