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    Home»हिमाचल प्रदेश»जीएसटी संग्रहण के लिए सक्रिय दृष्टिकोण अपनाएं अधिकारीः मुख्यमंत्री
    हिमाचल प्रदेश

    जीएसटी संग्रहण के लिए सक्रिय दृष्टिकोण अपनाएं अधिकारीः मुख्यमंत्री

    By Himachal VartaDecember 23, 2019
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    शिमला। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज मण्डी में राज्य स्तरीय जीएसटी की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि आबकारी और कराधान विभाग के अधिकारियों को जीएसटी संग्रहण के लिए सक्रिय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए ताकि अधिक से अधिक जीएसटी संग्रह हो सके। उन्होंने अधिकारियों को जीएसटी के तहत कम से 95 प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को पुरस्कृत किया जाएगा लेकिन जो अधिकारी निर्धारित लक्ष्य हासिल करने में विफल रहेंगे उनके विरुद्ध कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि फील्ड अधिकारियों को अपने अधिकार क्षेत्र में सर्कल से मुख्यालय स्तर तक 200 शीर्ष करदाताओं की बारीकी से निगरानी करनी चाहिए।
    जय राम ठाकुर ने कहा कि लक्ष्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा के करने के प्रयास किए जाने चाहिए। जीएसटी संग्रह की निगरानी उच्चतम स्तर पर की जा रही है और इस सम्बन्ध में कोई भी कोताही बर्दाशत नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जीएसटी को जुलाई, 2017 में लागू किया गया था और तब से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर जीएसटी वृद्धि कम होने के बावजूद प्रदेश में जीएसटी संग्रहण में नियमित वृद्धि हो रही है।
    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से जीएसटी का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि राजस्व में किसी भी प्रकार का नुकसान न हो और राज्य को सौंपी गई नई सेवाएं जैसे बैंकिंग, बीमा, दूरसंचार आदि से राजस्व बढ़े। उन्होंने कहा कि उन करदाताओं का पंजीकरण रद्द किया जाना चाहिए, जिन्होंने दोहरा पंजीकरण करवाया है। इसके अतिरिक्त उन्होंने उन ठेकेदारों के पंजीकरण को भी रद्द करवाने के निर्देश दिए जिन्होंने जीएसटी लागू होने के समय खुद को पंजीकृत करवाया था लेकिन अब निष्क्रिय हो गए हैं।
    जय राम ठाकुर ने कहा कि विभाग के पुनर्गठन और इन-हाउस प्रशिक्षण केन्द्रों की स्थापना की संभावनाएं ढूंढने के साथ-साथ कर अधिकारियों के क्षमता निर्माण के लिए राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन के अवसर प्रदान किए जाने चाहिए। उन्होंने केन्द्र के दायरे में आने वाले उन करदाताओं का मामला केन्द्रीय जीएसटी आयुक्त के समक्ष उठाने के निर्देश दिए जो रिटर्न नहीं भर रहे हैं।
    आबकारी एवं कराधान विभाग के प्रधान सचिव संजय कुण्डू ने कहा कि जीएसटी और कर संग्रहण देश में आर्थिक मन्दी का सामना करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक निगरानी इकाई को मजबूत करने के लिए एनआईएससीआई से सलाहकार नियुक्त किए गए हैं।
    संजय कुण्डू ने कहा कि नई सेवाओं के नए करदाताओं के लिए उचित कदम उठाए जाने चाहिए और ठेकेदारों, खनन, खनन हार्डवेयर आदि को विशेष रूप से केन्द्रित किया जाना चाहिए।
    आबकारी एवं कराधान विभाग के राज्य आयुक्त अजय शर्मा ने प्रदेश सरकार द्वारा कर संग्रहण के लिए की गई विभिन्न पहल पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश को अब तक 1241 करोड़ रुपये की जीएसटी प्रतिपूर्ति हुई है और जीएसटी प्रतिपूर्ति के साथ कुल 5788 करोड़ रुपये की उपलब्धि हासिल की गई है। वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान 1084 करोड़ रुपये कराधान, 994 करोड़ रुपये वैट, 2438 करोड़ जीएसटी, 78 करोड़ रुपये यात्री माल कर और 212 करोड़ रुपये ओटीडी संग्रहण हुआ है। इसी प्रकार नवम्बर माह तक 4597 करोड़ रुपये के लक्ष्य के अनुरूप 4547 करोड़ रुपये का कुल कर संग्रहण हुआ है।
    सांसद रामस्वरूप, उपायुक्त मण्डी ऋग्वेद ठाकुर और विभाग के अन्य अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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