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    Home»हिमाचल प्रदेश»विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण को प्राथमिकता दें शिक्षकः राज्यपाल
    हिमाचल प्रदेश

    विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण को प्राथमिकता दें शिक्षकः राज्यपाल

    By Himachal VartaDecember 24, 2019
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    शिमला। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि विद्यार्थियों का चरित्र निर्माण हमारे सामने बड़ी चुनौती है, जिसमें शिक्षक समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने शिक्षकों का आहवान किया कि वे नई शिक्षा नीति के प्रारूप का अध्ययन करें, जिसमें विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण के सन्दर्भ में उपयोगी जानकारी दी गई है। वह आज यहां हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की 31वीं वार्षिक कोर्ट मीटिंग को सम्बोधित कर रहे थे।
    उन्होंने महाविद्यालयों में विद्वानों के व्याख्यान, शिक्षकों व विद्यार्थियों के मध्य परिचर्चा और खेल गतिविधियों जैसे विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की खेल गतिविधियों में योग और फिट इण्डिया अभियान को भी शामिल किया जाना चाहिए। शारीरिक शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों की मानसिक शिक्षा पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
    श्री दत्तात्रेय ने कहा कि वैश्विक स्पर्धा के इस दौर में हमें विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा और समग्र विकास के अवसर प्रदान करने की आवश्यकता है। कौशल विकास पर विशेष बल देते हुए उन्होंने कहा कि भविष्य में कौशल के आधार पर ही रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। जर्मनी, जापान, अमेरिका और चीन का उदाहरण देेते हुए उन्होंने कहा कि इन देशों में कौशल ग्रेड 7-8 है जबकि भारत में यह केवल दो अथवा तीन है।
    राज्यपाल ने विश्वविद्यालय कोर्ट में कुछ सदस्यों की अनुपस्थिति पर चिन्ता व्यक्त की और कहा कि वार्षिक लेखा और वार्षिक रिपोर्ट निर्धारित समय में तैयार की जाए।
    उन्होंने विश्वविद्यालय प्रबन्धन को परिसर के सौन्दर्यीकरण के निर्देश भी दिए।
    राज्यपाल ने इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वार्षिक शैक्षणिक केलेंडर और द्विभाषीय न्यूजलैटर ‘हिम शिखर’ का विमोचन किया।
    प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सिकन्दर कुमार ने विश्वविद्यालय की पिछले वर्ष की गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने पिछले वर्ष हासिल की गई उपलब्धियों की जानकारी भी दी।
    राज्य दन्त महाविद्यालय शिमला के प्रधानाचार्य और डेंटल सांइसिज के डीन डाॅ. आशु गुप्ता को सर्वसम्मति से भारतीय दन्त परिषद् का सदस्य निर्वाचित किया गया। पूर्व डीन आॅफ स्टडीज प्रो. वी.पी. शर्मा ने उनके नाम का प्रस्ताव किया जबकि प्रो. एस.एस. कंवर ने इसका समर्थन किया।
    इन्दिरा गांधी मेडिकल काॅलेज एवं चिकित्सालय शिमला के गेस्ट्रोएंट्रोलाॅजी विभाग के डाॅ. बृज शर्मा को भी सर्वसम्मति से भारतीय चिकित्सा परिषद् का सदस्य चुना गया। पूर्व प्रति कुलपति प्रो. एन.के. शारदा ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा और प्रो. नागेश ठाकुर ने इसका समर्थन किया।
    बैठक के दौरान वर्ष 2015-16 के वार्षिक लेखा और वर्ष 2017-18 की वार्षिक रिपोर्ट को विधानसभा में प्रस्तुत किए जाने के लिए स्वीकृति प्रदान की गई।
    विधायक एवं विश्वविद्यालय कोर्ट के सदस्य सुरेन्द्र शौरी भी बैठक में उपस्थित थे।
    प्रदेश विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार घनश्याम चन्द ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया।
    बैठक से पूर्व राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस की आधारशीला रखी, जिसके निर्माण पर लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

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