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    Home»हिमाचल प्रदेश»विधायकों की प्राथमिकता बैठकें साल में दो बार आयोजित करने पर होगा विचारः मुख्यमंत्री
    हिमाचल प्रदेश

    विधायकों की प्राथमिकता बैठकें साल में दो बार आयोजित करने पर होगा विचारः मुख्यमंत्री

    By Himachal VartaJanuary 8, 2020
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    शिमला। वर्ष 2020-21 के बजट के लिए विधायकों की प्राथमिकताओं के निर्धारण के लिए दूसरे सत्र में मण्डी और किन्नौर जिलों के विधायकों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि ये बैठकें प्रदेश के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की नीतियों एवं कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सकारात्मक सोच के साथ कार्य करें ताकि लक्षित वर्गों तक इनका लाभ मिल सके।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विचार करेगी कि विधायकों की प्राथमिकता बैठकें वर्ष में दो बार आयोजित हो ताकि उनकी प्राथमिकताओं वाले कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जा सके।

    जिला मण्डी
    करसोग के विधायक हीरा लाल ने अपने विधानसभा क्षेत्र में अटल आदर्श विद्यालय खोलने का मामला उठाया। उन्हांेने तत्तापानी को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने और शिक्षण एवं स्वास्थ्य संस्थानों में रिक्त पदों को भरने का आग्रह किया।
    सुन्दरनगर के विधायक राकेश जमवाल ने सुन्दरनगर अस्पताल का कार्य आरम्भ करने और सुन्दरनगर में बेहतर मल निकासी सुविधा प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र में विद्युत उपमण्डल के युक्तिकरण और सुन्दरनगर में 220 केवी उप केन्द्र स्थापित करने के साथ-साथ सुन्दरनगर के सौन्दर्यीकरण का भी आग्रह किया।
    नाचन के विधायक विनोद कुमार ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में जन सुविधा के लिए कुछ क्षेत्रों को नगर नियोजन के दायरे से बाहर रखा जाए। उन्होंने सड़कों में सुधार के साथ-साथ गोहर और कनैड़ के लिए मल निकासी योजना देने और विधायक निधि में वृद्धि की मांग की।
    द्रंग के विधायक जवाहर ठाकुर ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में सड़कों में सुधार और पेयजल आपूर्ति योजनाओं को स्तरोन्नत करने व नई योजनाएं आरम्भ करने की मांग की। उन्होंने पधर में नागरिक न्यायालय आरम्भ करने का आग्रह किया। उन्होंने क्षेत्र को पर्यटन के लिए विकसित करने की मांग भी रखी।
    जोगेन्द्रनगर के विधायक प्रकाश राणा में लड़भड़ोल में नागरिक अस्पताल खोलने और लड़भड़ोल काॅलेज धनराशि प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र में और एम्बूलेंस सड़कों के निर्माण और मौजूदा सड़काें को चैड़ा करने की मांग की।

    मण्डी के विधायक अनिल शर्मा ने मांग उठाई कि मण्डी शहर में चौबीसों घण्टे पानी की आपूर्ति की जाए। उन्होंने कहा कि मण्डी शहर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने क्षेत्र में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए मण्डी में स्टेडियम बनाने का भी अनुरोध किया।
    बल्ह के विधायक इन्द्र सिंह गांधी ने अप्पर बल्ह क्षेत्र में स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग की सेवाओं को सुदृढ़ करने का मामला उठाया। उन्होंने क्षेत्र को पर्यटन के लिए विकसित करने का आग्रह किया क्योंकि क्षेत्र में रिवालसर व नलसर जैसी झीलों के कारण पर्यटन की अपार क्षमताएं हैं।
    सरकाघाट के विधायक कर्नल इन्द्र सिंह ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में सड़कों के रख-रखाव पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने सीर खड्ड के तटीकरण और विधानसभा क्षेत्र में बेहतर पेयजल आपूर्ति की सुविधा देने का आग्रह किया। उन्होंने बलदवाड़ा काॅलेज में विज्ञान कक्षाएं आरम्भ करने की भी मांग की।

    जिला किन्नौर
    किन्नौर के विधायक जगत सिंह नेगी ने विभिन्न विकास परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के कार्य में तेजी लाने के लिए आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वन स्वीकृतियों के मामलों में तेजी लाई जाए। उन्होंने विधायक निधि के अन्तर्गत धनराशि बढ़ाने और किन्नौर जिला में खनिज पट्टे देने का आग्रह किया।
    मुख्य सचिव अनिल खाची ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि सभी अधिकारी समर्पण और प्रतिबद्धता से कार्य कर सरकार की अपेक्षाओं पर खरा उतरेंगे।
    सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर और प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और विभागाध्यक्ष बैठक में उपस्थित थे।

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