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    Home»हिमाचल प्रदेश»राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण पर दो दिवसीय कार्यशाला आरंभ
    हिमाचल प्रदेश

    राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण पर दो दिवसीय कार्यशाला आरंभ

    By Himachal VartaJanuary 23, 2020
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    शिमला। आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के अधिकारियों एवं क्षेत्रीय कर्मचारियों के लिए 78वें राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण (नेशनल सैंपल सर्वे) से सम्बन्धित राज्य स्तरीय दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आज यहां आरंभ हुई। इस कार्यशाला में सर्वेक्षण की अवधारणा, कार्यविधि, परिभाषाओं तथा सर्वेक्षण डिजाइन पर चर्चा की जाएगी। राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण-78वां दौर में ‘घरेलू पर्यटन व्यय’ एवं ‘विभिन्न संकेतक सर्वेक्षण’ की स्थिति के आंकलन के लिए जनवरी, 2020 के अन्तिम सप्ताह से दिसम्बर, 2020 तक किया जाएगा।
    प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन आर्थिक सलाहकार डाॅ. विनोद कुमार राणा ने किया। उन्होंने इस अवसर पर सांख्यिकीय आंकड़ों के विकास में इस सर्वेक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला तथा विश्वास व्यक्त किया कि इस सर्वेक्षण से प्राप्त आंकड़े नीति निर्माताओं, नियोजकों, शोधकर्ताओं और अन्य एजेन्सियों द्वारा राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा एवं स्वास्थ्य नीतियों का मूल्यांकन करने के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण सिद्ध होंगे।
    घरेलू पर्यटन व्यय पर सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य पर्यटन व्यय पर विस्तार से जानकारी एकत्रित करने के साथ-साथ घरेलू विशेषताओं से सम्बन्धित घरेलू यात्राओं की सूचना एकत्रित करना हैै। इस सूचना का उपयोग केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा तीसरा टूरिज्म सैटेलाइट अकाउन्ट (टीएसए) तैयार करने के लिए किया जाएगा।
    विभिन्न संकेतक सर्वेक्षण पहली बार किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य सतत् विकास लक्ष्यों 2030 के कुछ महत्वपूर्ण संकेतकों को विकसित करने के लिए जानकारी एकत्र करना है।
    आर्थिक सलाहकार ने क्षेत्रीय कर्मचारियों द्वारा कठिन परिस्थितियों में किए जा रहे कार्य की सराहना की और सर्वेक्षण द्वारा प्राप्त किए जाने वाली सूचना की उच्च गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण समान रूप से केन्द्र व राज्य द्वारा किया जाता है। प्रदेश में यह सर्वेक्षण 88 प्रतिदर्श गांवों व 48 प्रतिदर्श शहरी खण्डों में किया जाएगा, जो लगभग भौगोलिक रूप में पूरे प्रदेश में किया जाएगा।
    डाॅ. विनोद कुमार राणा ने प्रदेश की जनता से अपील की है कि आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारी जब उनके घरों में सर्वेक्षण करने आएं, उन्हें पूर्ण सहयोग व सही एवं विश्वसनीय सूचना प्रदान करें।

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