चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के आदेशों पर स. गुरप्रीत सिंह कांगड़, राजस्व मंत्री पंजाब के नेतृत्व में ग्वालियर पहुंचे उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने अपने दौरे के दूसरे दिन जनजातीय इला$कों के जंगलों में पहुंचकर वहां बसे सिख परिवारों के साथ मुला$कात की जिनके घर बीते दिन जिला प्रशासन द्वारा जबरदस्ती गिरा दिए गए थे।
स. कांगड़ ने प्रैस बयान में बताया कि सिख किसानों का दावा है कि प्रशासन ने उनके साथ अन्याय करते हुए इलाका खाली करने के नोटिस की समय सीमा समाप्त होने से पहले ही जेसीबी मशीनों के साथ उनके घर गिरा दिए। उन्होंने बताया कि पीडि़त परिवारों के सदस्यों का कहना है कि उनके मकान गिराने के लिए आए अधिकारियों को उन्होंने हाथ-पैर जोडक़र निवेदन किया कि उनको अपना सामान उठाने और नोटिस की समय सीमा समाप्त होने तक वैकल्पिक प्रबंध करने की मोहलत दी जाए परंतु उनके निवेदन को अनदेखा करते हुए जिला प्रशासन की टीम द्वारा जबरन उनके घर गिरा दिए गए। स. कांगड़ ने कहा कि प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन द्वारा निश्चित करके सबसे पहले सिखों के घर गिराए गए।
उन्होंने बताया कि पंजाब के प्रतिनिधिमंडल द्वारा मध्यप्रदेश के स्थानीय जनजातीय इला$कों के एकता फ्रंट के सदस्यों के साथ भी मुला$कात की गई, जिन्होंने कहा की उनकी मंशा किसी को भी बेघर करने की नहीं है। उनका फ्रंट केवल यही चाहता है कि जो ज़मीन कानूनी तौर पर जिसकी है, चाहे जनजातियों की या सिखों की, उनको मिले।
स. कांगड़ ने कहा कि उनके प्रतिनिधिमंडल को जिला प्रशासन द्वारा कोई राजस्व रिकॉर्ड नहीं दिखाया गया और न ही किसी नोटिस की प्रति दिखाई गई। उन्होंने कहा कि बुनियादी जांच से यह पता लगता है कि निचले स्तर के राजस्व अधिकारीयों द्वारा अपनी ड्यूटी कानून के अनुसार नहीं निभाई गई।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने अस्थायी तौर पर घरों की मरम्मत करके सिख परिवारों को फिलहाल वहां रहने की आज्ञा दे दी है और स्थायी हल ढूंढने के लिए कहा है। बाद में गुरूद्वारा साहिब के समीप बड़ी संख्या में एकत्रित पीडि़त सिख परिवारों को संबोधित करते हुए स. कांगड़ ने भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ पीडि़त सिख किसानों के अधिकारों की पुरज़ोर पैरवी करेगी।
जि़क्रयोग्य है कि पंजाब के मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार स. गुरप्रीत सिंह कांगड़ के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल जिसमें हरमिन्दर सिंह गिल एम.एल.ए, पूर्व एम.पी. एच.एस. हंसपाल, कमिश्नर पटियाला डिवीजऩ दीपिन्दर सिंह, नरिन्दर सिंह मैंबर रैवीन्यू कमीशन, कैप्टन करनैल सिंह अतिरिक्त सचिव राजस्व शामिल हैं, सोमवार शाम ग्वालियर के श्योपुर इला$के में स्थिति का जायज़ा लेने के लिए विशेष तौर पर मध्यप्रदेश गया था जहां सिख किसानों के घर जबरन गिराए गए थे।
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Saturday, October 17