Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • कसौली विधानसभा क्षेत्र में लगभग 225 करोड़ रुपए की सिंचाई व पेयजल योजनाएं का कार्य प्रगति पर – मुकेश अग्निहोत्री
    • युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए समाज का एकजुट होकर कार्य करना आवश्यक – अजय यादव
    • चार दिन के लिए नाहन में सजा आभूषणों का भव्य संसार
    • सिरमौर जिला में पूरा हुआ गेहूं खरीद का कार्य, किसानों से खरीदा गया 19777 क्विंटल गेहूँ
    • हमारी संस्कृति ही हमारी वास्तविक धरोहर – संजय अवस्थी
    • सरकारी ई-बाज़ार और ऑनलाइन व्यापार पर केंद्रित कार्यशाला आयोजित
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Thursday, June 18
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»जिला सिरमौर से सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती विधि मॉडल अवलोकन के लिए 78 किसान गुरूकुल कुरूक्षेत्र हुए रवाना
    हिमाचल प्रदेश

    जिला सिरमौर से सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती विधि मॉडल अवलोकन के लिए 78 किसान गुरूकुल कुरूक्षेत्र हुए रवाना

    By Himachal VartaFebruary 12, 2020
    Facebook WhatsApp

    नाहन। जिला सिरमौर से सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती विधि मॉडल अवलोकन के लिए 78 किसान कुरूक्षेत्र के गुरूकुल में ज्ञानवर्धक यात्रा के लिए नाहन से आज रवाना हुए जिसे कृषि उप-निदेशक सिरमौर डॉ0 राजेश कौशिक ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
    उन्हांेने बताया कि सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती विधि को समझने के लिए जिला सिरमौर के प्रत्येक विकासखण्ड के 13-13 प्राकृतिक खेती करने वाले किसान भाग ले रहे है और इनके साथ प्रत्येक विकास खण्ड के एक-एक सहायक तकनीकी प्रबंधक भी भाग ले रहे है।ं
    उन्होंने बताया कि गुरूकुल, कुरूक्षेत्र में प्रसिद्व सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती अपनाने वाला केन्द्र है। प्राकृतिक खेती जो कि देसी गाय के गौ मूत्र व गोबर पर आधारित है जहां पर 180 एकड भूमि पर सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती विधि से सफल उत्पादन पिछले कई वर्षों से किया जा रहा है।
    उन्होंने बताया कि इस ज्ञानवर्धक यात्रा के दौरान किसान अपने सामने गुरूकुल के विशेषज्ञो से प्राकृतिक खेती की विशेषताओं तथा विधि की विभिन्न बारिकयों को सही तरीके से समझ सके और वापिस अपने खेतों मंे जाकर उन विशेष तौर तरीको को अपनी खेती में अपना सके।

    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • कसौली विधानसभा क्षेत्र में लगभग 225 करोड़ रुपए की सिंचाई व पेयजल योजनाएं का कार्य प्रगति पर – मुकेश अग्निहोत्री
    • युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए समाज का एकजुट होकर कार्य करना आवश्यक – अजय यादव
    • चार दिन के लिए नाहन में सजा आभूषणों का भव्य संसार
    • सिरमौर जिला में पूरा हुआ गेहूं खरीद का कार्य, किसानों से खरीदा गया 19777 क्विंटल गेहूँ
    • हमारी संस्कृति ही हमारी वास्तविक धरोहर – संजय अवस्थी
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.