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    Home»चण्डीगढ़»विज्ञानी एवं चिकित्सक अपना शोध स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए समर्पित करेंः राज्यपाल
    चण्डीगढ़

    विज्ञानी एवं चिकित्सक अपना शोध स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए समर्पित करेंः राज्यपाल

    By Himachal VartaFebruary 14, 2020
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    चंडीगढ़। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने युवा विज्ञानियों और चिकित्सकों का आह्वान किया है कि वे अपना शोध कार्य देश में स्वास्थ्य क्षेत्र में गुणवत्ता सुधार लाने और लोगों के दुखों के निवारण की दिशा में समर्पित करें। वह आज पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ में स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र में भावी पीढ़ी के लिए प्रतिमान विषय पर आयोजित एक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

    उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दशकों में भारत ने स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक सुधार देखने में आया है, जिसका प्रमाण शिशु एवं मातृ मृत्यु दर में गिरावट है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वस्थ भारत, खुशहाल भारत पर विशेष बल देते आए हैं। पिछले पांच वर्षों के दौरान भारत सरकार ने आयुष्मान भारत और जन औषधी योजना जैसी बड़ी योजनाएं शुरू की हैं, ताकि स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार आ सके।

    राज्यपाल ने कहा कि नए शोध और तकनीक के उपयोग से आज हर उपचार संभव बन गया है। उन्होंने कहा कि तकनीक के अधिकाधिक प्रयोग से इसका और बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है। स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र में फार्मा क्षेत्र की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। आंकड़ों के अनुसार रोगी जो हर तीसरी दवाई खाता है, उसका निर्माण भारत में होता है, जो देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। भारतीय फार्मास्यूटिकल क्षेत्र विश्व की 50 प्रतिशत दवाईयों की मांग की पूर्ति कर रहा है। इसके अतिरिक्त भारत अमेरिका में जैनरिक दवाइयांे की 40 प्रतिशत मांग और यूनाईटेड किंगडम को 25 प्रतिशत दवाइयां उपलब्ध करवाई जा रही हैं।

    उन्होंने कहा कि अच्छा स्वास्थ्य मनुष्य की प्रसन्नता के लिए आवश्यक है। स्वस्थ लोग लंबा जीवन जीते हैं और वे अधिक उत्पादक होने के कारण किसी भी राष्ट्र की आर्थिक प्रगति में बड़ा योगदान देते हैं। स्वास्थ्य एक ऐसा आधार है, जिसके अनुरूप एक व्यक्ति और परिवार, समुदाय और देश समृद्ध एवं सम्पन्न बनते हैं।

    श्री दत्तात्रेय ने आशा व्यक्त की कि इस सम्मेलन के दौरान विश्वभर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों के गहन चिंतन और विचार-विमर्श से भविष्य में स्वास्थ्य क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों से निपटने और लोगों को बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण सुझाव एवं समाधान सामने आएंगे। इन्हें राष्ट्रीय आयोगों और अन्य नीति निर्माताओं के साथ साझा किया जा सकता है, ताकि लोगों को रोगमुक्त बनाने और नए भारत के निर्माण में सहायता मिल सके।

    पंजाब विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजकुमार ने इस सम्मेलन के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में विश्वभर से लगभग 40 स्वास्थ्य विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।

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