शिमला। हिमाचल प्रदेश में मार्च के महीने में भी मौसम के तेवर तल्ख बने हुए हैं। पहाड़ी इलाकों में अनेक स्थानों पर बर्फबारी व मैदानों में बारिश की वजह से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। जनजातीय इलाकों में खून जमा देने वाली ठंड पड़ रही है। आलम यह है कि शिमला सहित चार जिलों का पारा माइनस में पहुंच गया है। आज सुबह बर्फबारी के कारण शिमला जिले के ऊपरी इलाकों में परिवहन व्यवस्था भी आंशिक तौर पर प्रभावित हुई। उधर, राज्य के मैदानी इलाकों में बीती रात कई जगह अंधड़ के साथ वर्षा हुई, जिससे बिजली गुल हो गई। आज नाहन, सिरमौर व आसपास भी सुबह से बारिश हो रही है। जिससे तापमान में काफी गिरावट महसूस की गयी।
लाहौल-स्पीति का केलंग राज्य में सबसे ठंडा स्थल रहा, जहां न्यूनतम तापमान -2.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कल्पा में न्यूनतम तापमान -0.9, मनाली में -0.8 और कुफरी में -0.7 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके अलावा चंबा जिला के डल्हौजी में 0.8 डिग्री सेल्सियस रहा। बीते 24 घंटों के दौरान लाहौल स्पिति के कोकसर में डेढ़ फुट जबकि सिस्सु में एक फुट से ज्यादा हिमपात दर्ज किया गया है। ताजा बर्फबारी के कारण मनाली-लेह सड़क पर बर्फ हटाने का काम फिर से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। लाहौल-स्पीति के गोंदला में 45 सेंटीमीटर, कुल्लू जिले के कोठी में 15 सेंटीमीटर, शिमला जिला के खदराला व कुफरी में क्रमशः 15 व 10 सेंटीमीटर और भरमौर में 5 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक मनमोहन सिंह ने अगले 24 घंटों में भी प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में हिमपात व मैदानों में वर्षा की संभावना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि मैदानी इलाकों में 15 मार्च से मौसम खुल जाएगा लेकिन मध्यपर्वतीय व उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में 15 मार्च तक बारिश व हिमपात का अनुमान है।
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Monday, September 28
