चंडीगढ़। किसानों को गेहूँ की पराली जलाने से परहेज करने की सलाह देते हुए तंदुरुस्त पंजाब मीशन के डायरैक्टर स. काहन सिंह पन्नू ने कहा कि विज्ञान, प्रौद्यौगिकी और वातावरण विभाग, पंजाब द्वारा राज्य में पराली जलाने पर पूरी तरह पाबंदी लगाई गई है और इस सम्बन्धी सीआरपीसी की धारा 144 के अंतर्गत आदेश भी दिए गए हैं, फिर भी पराली जलाने के नतीजों को नजरअन्दाज करते हुए कुछ किसान पराली जलाते हैं।
इस सम्बन्धी चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब में कोरोना वायरस फैलने से, जो मानवीय श्वास प्रणाली पर बुरा प्रभाव डालता है, ऐसे हालात में पराली जलाने से लोगों की सेहत पर और बुरा प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए ऐसे हालात में पंजाब के लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए यह अनिवार्य है कि वायु प्रदूषण को पूरी तरह कंट्रोल किया जाये ताकि इस बीमारी के प्रभाव को कम किया जा सके। इसके अलावा वातावरण को साफ रखना सभी की जिम्मेदारी बनती है जिससे लोग साफ हवा में साँस लेकर तंदुरुस्त रह सकें।
इसलिए लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए उन्होंने किसानों से अपील की कि जिलों में कोरोना वायरस के विरुद्ध मुहिम के दौरान गेहूँ की पराली को जलाने से परहेज किया जाये।
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Sunday, October 18