सुचारु प्रबंधों के लिए किसानों व मजदूरों की ओर से पंजाब सरकार की प्रशंसा
डिप्टी कमिश्नर ने गेहूं की नाड़ को आग न लगाने की अपील की
होशियारपुर/चंडीगढ़। कोविड-19 के मद्देनजर जहां पंजाब सरकार की ओर से प्रदेश वासियों की सुविधा के लिए विशेष कदम उठाए गए हैं, वहीं गेहूं की सुचारु ढंग से खरीद भी यकीनी बनाई गई है जिसके चलते जिले में इस वर्ष पिछले वर्ष के मुकाबले 14,253 मीट्रिक टन गेहूं की अतिरिक्त खरीद की जा चुकी है। इसके अलावा करीब 93 प्रतिशत गेहूं की आन-लाइन अदायगी भी यकीनी बना ली गई है, जो कोरोना वायरस के नाजुक दौर में पंजाब सरकार की ओर से किए गए सुचारु प्रबंधों को दर्शाता है।
डिप्टी कमिश्नर श्रीमती अपनीत रियात ने बताया कि 93 प्रतिशत आन-लाइन अदायगी आढ़तियों के माध्यम से किसानों को की जा चुकी है व बाकी रहती अदायगी भी जल्द करवा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार मंडियों में गेहूं का एक-एक दाना खरीदने के लिए वचनबद्ध है व इसी वचनबद्धता के अंतर्गत जहां सुचारु ढंग से गेहूं की खरीद की गई, वहीं समय पर अदायगी भी यकीनी बनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 के मद्देनजर जिले में पिछले वर्ष से मुकाबले 20 मंडियों की वृद्धि करते हुए कुल 84 खरीद केंद्र बनाए गए थे, ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने के दौरान किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि समय पर लिफ्टिंग यकीनी बनाने के अलावा मंडियों में किसानों व मजदूरों की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से किसानों की सुविधा के लिए स्थापित किया गया जिला कंट्रोल रुम काफी लाभप्रद साबित हुआ।
डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि कोरोना वायरस के प्रभाव को फैलने से रोकने के लिए मंडियों में सामाजिक दूरी बरकरार रखने के अलावा किसानों व मजदूरों के लिए मास्क व सैनेटाइजर की सुविधा सहित रोगाणु मुक्त छिडक़ाव लगातार यकीनी बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब अलग-अलग खरीद केंद्रों की ओर से 3 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है व गेहूं की खरीद का कार्य लगभग खत्म हो गया है। उन्होंने कहा कि 31 मई तक ही गेहूं की खरीद की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले में इस वर्ष पिछले वर्ष के मुकाबले 14,253 मीट्रिक टन गेहूं की अतिरिक्त खरीद की जा चुकी है। पिछले वर्ष 2.91 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई थी।
डिप्टी कमिश्नर ने किसानों को अपील करते हुए कहा कि वे गेहूं की नाड़ को आग न लगाएं बल्कि कृषिन विभाग की ओर से इजाद की गई आधुनिक मशीनों के माध्यम से खेतों में ही दबाएं। उन्होंने कहा कि नाड़ को आग लगाने से जहां वातावरण प्रदूषित होता है, वहीं जमीन के मित्र कीड़े भी मर जाते हैं। उधर किसानों व मजदूरों ने भी पंजाब सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि कोविड-19 जैसी महांमारी के दौरान हम फिक्रमंद थे कि गेहूं की खरीद किस तरह होगी, परंतु पंजाब सरकार ने कूपन सिस्टम के माध्यम से सुचारु ढंग से खरीद की, जो कि प्रंशसनीय है। किसानों ने मंडियों में जिला प्रशासन की ओर से किए गए हर तरह के प्रबंधों की तारीफ की।
Breakng
- प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्र की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत – संजय अवस्थी
- उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक
- पहाड़ों की कीमत पर विकास मंजूर नहीं, खनन में जवाबझदेही तय करे सरकार : पूर्व मेजर जनरल अतुल कौशिक
- रेणुकाजी के विधायक विनय कुमार ने की कार्यक्रम की अध्यक्षता, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान पर दिया जोर
- महिला आर्थिकी के साथ क्षेत्र के विकास को नई दिशा प्रदान करेंगी टमाटर प्रसंस्करण इकाइयां – डॉ. शांडिल
- नई तकनीक की जानकारी एवं कौशल उन्नयन बेहतर रोज़गार एवं स्वरोज़गार के लिए आवश्यक – डॉ. शांडिल
Sunday, October 18
