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    Home»चण्डीगढ़»मैडीकल काॅलेजों की फीस में वाजिब वृद्धि की गईः सोनी
    चण्डीगढ़

    मैडीकल काॅलेजों की फीस में वाजिब वृद्धि की गईः सोनी

    By Himachal VartaJune 5, 2020
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    चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने राज्य के मैडीकल काॅलेजों की फीस में वाजिब वृद्धि की है। यह खुलासा आज यहाँ पंजाब के चिकित्सा शिक्षा एंव अनुसंधान मंत्री श्री ओम प्रकाश सोनी ने किया।

    श्री सोनी ने बताया कि पंजाब सरकार ने पहले 2010 और 2015 में मैडीकल काॅलेज की फीस में संशोधन किया था जोकि अब की गई वृद्धि से बहुत अधिक था। उन्होंने कहा कि फीस वृद्धि संबंधी विपक्ष द्वारा सिर्फ राजनैतिक लाभ लेने के लिए बयानबाजी की जा रही है।

    उन्होंने कहा कि पिछली अकाली-भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान 2010 में फीसों में 98 प्रतिशत वृद्धि की गई थी और 2015 में 225 प्रतिशत वृद्धि की गई थी जबकि मौजूदा सरकार ने सिर्फ 77 प्रतिशत वृद्धि की है।

    उन्होंने कहा कि फीस में की गई वृद्धि अति आवश्यक थी और इस सम्बन्धी पंजाब सरकार द्वारा डाॅक्टर के.के. तलवार के नेतृत्व वाली चिकित्सा शिक्षा सम्बन्धी गठित सलाहकार समिति द्वारा पूरी जाँच पड़ताल के बाद ही पंजाब सरकार को यह फीस वृद्धि सम्बन्धी सिफारश की गई थी। इसके अलावा सरकार के भी ध्यान में आया था कि बढ़ी हुई महँगाई के कारण सरकारी मेडिकल काॅलेज पर वित्तीय बोझ दिनो-दिन बढ़ रहा था। उन्होंने कहा एक डाॅक्टर को तैयार करने पर राज्य सरकार का कम-से-कम 13 -14 लाख रुपए सालाना खर्च हो जाता है। उन्होंने कहा कि निजी काॅलेजों में एम.बी.बी.एस. के पूरे पाठ्यक्रम की फीस सरकारी मैडीकल काॅलेज के मुकाबले कई गुणा अधिक है और सरकार ने इन प्राईवेट मैडीकल काॅलेजों की फीस में समानता लाने के लिए कई प्रयास किये हैं।

    श्री सोनी ने बताया कि सरकारी मैडीकल काॅलेज में बढ़िया फीस अदा कर विद्यार्थी 1.50 लाख रुपए सालाना फीस देकर कुल 7.80 लाख रुपए में साढ़े चार साल का पाठ्यक्रम मुकम्मल कर लेंगे। उन्होंने अधिक जानकारी देते हुए बताया कि निजी मैडीकल काॅलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों से पहले एम.बी.बी.एस. के पूरे पाठ्यक्रम की फीस पाँच साल की ली जाती थी जिसको हमारी सरकार ने ठीक करते हुए मैडीकल काॅलेज को पाबंद किया कि वह सिर्फ साढ़े चार साल की ही फीस लें।

    चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गरीब विद्यार्थियों केे शिक्षा हासिल करने को यकीनी बनाने के लिए एस.सी. स्काॅलरशिप स्कीम चलाई जा रही है जिससे गरीब विद्यार्थी भविष्य में डाॅक्टर बनने का अपना सपना साकार कर सकते हैं।

    उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में राज्य में तीन सरकारी मैडीकल काॅलेज चल रहे हैं और 2 सालों में तीन और नये मैडीकल काॅलेज मोहाली, होशियारपुर और कपूरथला में शुरू हो जाएंगे।

    उन्होंने कहा कि बढ़ी हुई फीस नये सैशन से लागू होगी और पहले से ही चिकित्सा शिक्षा हासिल कर रहे विद्यार्थियों पर इस फीस वृद्धि का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

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