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    Home»हरियाणा»जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद ने शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए विभिन्न स्नातक तथा स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 15 अगस्त, 2020 तक बढ़ाने का निर्णय
    हरियाणा

    जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद ने शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए विभिन्न स्नातक तथा स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 15 अगस्त, 2020 तक बढ़ाने का निर्णय

    By Himachal VartaJuly 20, 2020
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    चंडीगढ़।  जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद ने शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए विभिन्न स्नातक तथा स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 15 अगस्त, 2020 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय ने स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा प्रक्रिया को भी रदद करने का निर्णय लिया है।

    इन पाठ्यक्रमों में दाखिला अब प्रत्येक पाठ्यक्रम के लिए आवश्यक योग्यता परीक्षा में प्राप्त अंकों की मैरिट के आधार पर किया जायेगा। इसी प्रकार, विश्वविद्यालय ने भी पीएचडी पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर, 2020 तक बढ़ा दी है। इसके अलावा, विश्वविद्यालय ने नये शैक्षणिक सत्र में मौजूदा विद्यार्थियों के लिए अकादमिक कैलेंडर की भी घोषणा की है।

    यह निर्णय आज यहां कुलपति प्रो दिनेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में लिया गया। शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए प्रवेश और अकादमिक कैलेंडर की समीक्षा के लिए आयोजित समीक्षा बैठक में विश्वविद्यालय के सभी डीन, चेयरपर्सन और अन्य संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया। कुलसचिव डॉ. एस.के. गर्ग भी बैठक में उपस्थित थे।

    निदेशक (एडमिशन्स) डॉ. मनीशा गर्ग ने बैठक में बताया कि चूंकि लगभग सभी प्रमुख बोर्डों द्वारा 12वीं कक्षा के परिणाम पहले ही घोषित किए जा चुके हैं या एक या दो दिन में घोषित किए जाने हैं, इसलिए अब विश्वविद्यालय के पास विद्यार्थियों को दाखिल करने के लिए प्रवेश परीक्षा के अलावा एक अन्य विकल्प उपलब्ध है। इसलिए, प्रवेश परीक्षा आयोजित करने के बजाय बोर्ड परीक्षा में प्राप्त अंकों की मैरिट के आधार पर दाखिला किया जा सकता है, जिससे विद्यार्थियों को भी बड़ी राहत मिलेगी।

    इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करते हुए, कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने कोरोना महामारी के दृष्टिगत इस वर्ष के लिए स्नातक तथा स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा की प्रक्रिया को रद करने का निर्णय लिया। बैठक में स्नातक पाठ्यक्रमों के अंतिम वर्ष के परिणाम और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में दाखिले के मुद्दे पर भी विस्तार से चर्चा की गई और निर्णय लिया गया कि एमएससी, एमबीए और एमए जैसे स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में दाखिला योग्यता परीक्षा के अंकों की मैरिट के आधार पर किया जायेगा। हालांकि, एमटेक पाठ्यक्रमों में दाखिले में गेट योग्यता को वरीयता दी जायेगी। योग्यता के क्रम में, दूसरी वरीयता उन विद्यार्थियों को दी जाएगी, जो गेट क्वालीफाईड हैं और जिन्होंने अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा में हिस्सा लिया। इसके बाद, बीटेक उत्तीर्ण और अंत में बीटेक 7वें सेमेस्टर के योग्य आवेदकों को दाखिले में वरीयता दी जायेगी।

    डीन (अकादमिक) डॉ. विकास तुर्क द्वारा मौजूदा विद्यार्थियों के लिए प्रस्तावित अकादमिक कैलेंडर पर भी बैठक में चर्चा की गई तथा इसे स्वीकृत किया गया। अकादमिक कैलेंडर के अनुसार, आड (विषम) सेमेस्टर 20 जुलाई से शुरू होगा और 27 नवंबर, 2020 तक चलेगा। विश्वविद्यालय द्वारा प्रेक्टिकल कक्षाओं का आयोजन 1 से 27 नवंबर, 2020 तक किया जायेगा। फाइनल प्रेक्टिकल परीक्षाएं 1 दिसंबर से 7 दिसंबर, 2020 तक आयोजित की जाएगी और लिखित परीक्षाएं 14 दिसंबर, 2020 से शुरू की जाएगी। इसके बाद, अगले सेमेस्टर को 11 जनवरी, 2021 से निर्धारित किया गया है।

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