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    चण्डीगढ़

    पंजाब सरकार द्वारा कोविड के विरुद्ध लड़ाई में राज्य द्वारा खर्च की गई 501.07 करोड़ की राशि को मंजूरी

    By Himachal VartaAugust 6, 2020
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    खर्चों में 76 करोड़ रुपए उपकरण और राहत पर जबकि 425 करोड़ रुपए प्रांतीय आपदा प्रबंधन फंड में से खर्च किए गए

    चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में मंत्रीमंडल ने आज कोविड-19 महामारी के विरुद्ध लड़ाई में राज्य सरकार द्वारा अब तक खर्च की गई 501.07 करोड़ की राशि को मंजूरी दे दी है।
    यह खुलासा करते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि 501.07 करोड़ रुपए में से 76.07 करोड़ रुपए स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रबंधन और खरीद समिति द्वारा विभिन्न उपकरणों की खरीद और राहत पर खर्च किए गए हैं जबकि 425 करोड़ रुपए अलग-अलग विभागों द्वारा स्टेट डिजासटर रिस्पांस फंड और बजट स्रोतों में से महामारी के प्रबंधन और इस पर काबू पाने के लिए खर्च किए गए।
    अलग-अलग विभाग द्वारा खर्च किए गए 425 करोड़ संबंधी विस्तार में जानकारी देते हुए प्रवक्ता ने बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार क्ल्याण विभाग द्वारा 131.99 करोड़, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान द्वारा 36.16 करोड़ रुपए, ट्रांसपोर्ट द्वारा 3.77 करोड़, सूचना एवं लोक संपर्क विभाग द्वारा 10.12 करोड़, ग्रामीण विकास द्वारा 10.11 करोड़, सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास द्वारा 14.04 करोड़, लोक निर्माण विभाग द्वारा 45.05 करोड़, जेल विभाग द्वारा 0.11 करोड़ रुपए, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा 78.2 करोड़ रुपए, डिप्टी कमीश्नरों द्वारा राज्य में कोविड केयर सेंटरों के विकास, संचालन और रख-रखाव के लिए 12.65 करोड़ रुपए, जलापूर्ति एवं स्वच्छता विभाग द्वारा 4.86 करोड़, गृह विभाग द्वारा 3.62 करोड़, स्थानीय निकाय द्वारा 8.79 करोड़ और डिप्टी कमीश्नरों द्वारा 65.22 करोड़ खर्च किए गए हैं।
    राज्य सरकार ने कोविड के विरुद्ध लड़ाई में प्रांतीय आपदा प्रबंधन फंड और बजट स्रोतों में से कुल 470 करोड़ के फंड अलॉट किये जिनमें से 90.42 प्रतिशत खर्च किए जा चुके हैं। यह फंड कोविड के प्रबंधन और कंट्रोल करने, टेस्टिंग बढ़ाने के लिए अव्वल दर्जे के उपकरण खरीदने, फ्रंटलाईन वर्करों के लिए सुरक्षा उपकरणों का उपबंध करने सहित स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे में विस्तार करने, देखभाल की जरूरत पर निर्भर स्तर-1, 2 और 3 के तौर पर मनोनीत स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर प्रबंधन कायम करने पर खर्च किए गए जिससे उन लोगों को राहत मुहैया करवाना यकीनी बनाया जा सके, जो लॉकडाउन के कारण प्रभावित हुए और अपनी आजीविका गवा चुके हैं और इसके अलावा प्रवासी कामगारों को उनके घर भेजने को यकीनी बनाया गया।
    इसके अलावा 76.07 करोड़ रुपए स्वास्थ्य क्षेत्र की प्रबंधन और खरीद समिति ने स्वास्थ्य एवं परिवार क्ल्याण विभाग, चिकित्सा शिक्षा और पुलिस विभाग के लिए पी.पी.ई. किटों, एन.-95 मास्क, तिहरी परत वाले मास्क और वी.टी.एम. किटों सहित उपकरणों की खरीद पर खर्च किए। समिति ने आपातकाल आधार पर खर्च किए गए क्योंकि कोविड-19 की स्थिति के कारण तत्काल कदम उठाए जाने जरुरी थे।
    जिक्रयोग्य है कि प्रशासकीय सुधारों संबंधी विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र की खरीद समिति का गठन 28 मार्च, 2020 को किया गया। यह समिति कोविड-19 महामारी पर काबू पाने और इस सम्बन्धी साजो-सामान को समय पर खरीदने को यकीनी बनाने के लिए पी.पी.ई. किटों और अन्य जरुरी उपकरण और सामान की जरूरत का पता लगाने के लिए बनाई गई थी।

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