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    Home»चण्डीगढ़»हल्के लक्षण वाले मरीजों से सैंपलिंग के समय स्व-घोषणा पत्र लेकर घर में एकांतवास रहने की दी जायेगी सुविधा 
    चण्डीगढ़

    हल्के लक्षण वाले मरीजों से सैंपलिंग के समय स्व-घोषणा पत्र लेकर घर में एकांतवास रहने की दी जायेगी सुविधा 

    By Himachal VartaAugust 25, 2020
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    जिला प्रशासन कोविड ट्रेकिंग टीमों द्वारा किया जायेगा घरों में एकांतवास मरीजों का फॉलो-अप

    घरेलू एकांतवास अवधी के दौरान कम से कम 3 दौरे किये जाएंगे

    चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने घरेलू एकांतवास अधीन रह रहे बिना लक्षण/हल्के लक्षण वाले मरीजों और 60 साल से अधिक उम्र और सह-रोग वाले मरीजों और गर्भवती महिलाओं के मैडीकल फिटनैस संबंधी नये दिशा-निर्देश जारी किये हैं। ऐसे सभी मरीज नमूने लेते समय घर में ही एकांतवास रहने की सुविधा उपलब्ध होने संबंधी स्व-घोषणा पत्र दे सकते हैं और यदि वह बाद में कोविड-19 टैस्ट के लिए पॉजिटिव पाए जाते हैं तो वह घर में एकांतवास रहने के योग्य होंगे। यह दिशा-निर्देश घरेलू एकांतवास बिना लक्षण/हल्के लक्षण वाले कोविड-19 टैस्ट में पॉजिटिव होने वाले मरीजों पर भी लागू होते हैं।

    प्रैस बयान के द्वारा अधिक जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री स. बलबीर सिंह सिद्धू ने बताया कि इस संबंधी समूह डिप्टी कमिश्नरों, सिविल सर्जनों को हिदायतें जारी की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि नमूना लेते समय उपलब्ध डॉक्टर ऐसे सभी व्यक्तियों को घरों में एकांतवास संबंधी उनकी मैडीकल फिटनैस की जांच करेंगे। अगर ऐसे मरीज कोविड-19 के लिए पॉजिटिव पाए जाते हैं तो प्रोटोकॉल के अनुसार वह घरों में ही एकांतवास रहना जारी रखेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि उन मरीजों में कोई लक्षण नहीं या हल्के लक्षण ही रहते हैं तो उनको हस्पताल लाने की कोई जरूरत नहीं।

    स. सिद्धू ने आगे कहा कि यह लाजिमी है, मरीज एक किट खरीदेगा जिसमें थर्मामीटर, पल्स ऑसीमीटर, विटामिन सी और जिंक की गोलियाँ होनी चाहीएं और किसी भी लक्षण के लिए बाकायदा खुद की निगरानी करेंगे और लक्षण दिखाई देने या स्वास्थ्य बिगड़ जाने पर तुरंत स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट करेंगे। घरों में एकांतवास किये मरीजों का फॉलो-अप जिला प्रशासन कोविड रोगी ट्रेकिंग टीमों द्वारा किया जायेगा। यह टीमें घरों में एकांतवास होने वाले मरीजों का फोन के जरिये फॉलो-अप और कम से कम 3 दौरे करना यकीनी बनाएंगी। उन्होंने कहा, ‘‘यदि दौरे के दौरान प्रोटोकॉल के अनुसार मरीज द्वारा घर में एकांतवास रहने संबंधी स्व-घोषणा पत्र में दी गई जानकारी गलत पाई जाती है, तो ऐसे मरीजों को एकांतवास केंद्र में तबदील कर दिया जायेगा।’’

    प्राईवेट स्वास्थ्य देखभाल केन्द्रों बारे जानकारी देते हुए मंत्री ने कहा कि प्राईवेट संस्थाओं को भी उक्त प्रोटोकॉलों का पालन करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। बिना लक्षण/हल्के लक्षण वाले मरीजों और 60 साल से अधिक उम्र वाले सह-रोग मरीजों को घरेलू एकांतवास में रखने के लिए निजी मैडीकल माहिर/हस्पताल द्वारा सर्टीफाई किया गया हो और यदि मरीज घर में रहने के लिए फिट हो और संबंधित माहिर/हस्पताल समय पर इलाज के लिए उस मरीज की स्थिति की निगरानी करेंगे।

    कम/हल्के लक्षण वाली कोविड-19 पॉजिटिव गर्भवती महिलाएं जो कम-जोखिम वाली गर्भ अवस्था में हैं और जिनकी अगले तीन हफ्तों में प्रसूति होने की संभावना नहीं है और यदि महिला को किसी गायनीकोलोजिस्ट द्वारा सर्टीफाई किया जाता है तो उसे घर में एकांतवास किया जा सकता है। प्राईवेट संस्थानों को भी इसी प्रोटोकॉल का पालन करने की हिदायत की गई है। अगर किसी घर में एकांतवास किये मरीजों को किसी डॉक्टरी सहायता की जरूरत होती है तो उनको 104 या जिला हेल्पलाइन नंबर पर फोन करना चाहिए।

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