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    Home»चण्डीगढ़»हरियाणा के पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री जे.पी. दलाल ने बैंकर्स से आत्मनिर्भर हरियाणा पोर्टल पर ऋण के लिए प्राप्त आवेदनों का निपटान प्राथमिकता आधार पर करनेे आह्वान किया
    चण्डीगढ़

    हरियाणा के पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री जे.पी. दलाल ने बैंकर्स से आत्मनिर्भर हरियाणा पोर्टल पर ऋण के लिए प्राप्त आवेदनों का निपटान प्राथमिकता आधार पर करनेे आह्वान किया

    By Himachal VartaSeptember 14, 2020
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    चंडीगढ़। हरियाणा के पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री जे.पी. दलाल ने बैंकर्स से  आह्वान किया है कि वे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत प्रदेश सरकार द्वारा कृषि एवं सम्बद्घ क्षेत्रों के लिए आरंभ किए गए आत्मनिर्भर हरियाणा पोर्टल पर ऋण के लिए प्राप्त आवेदनों का निपटान प्राथमिकता आधार पर करें।

    श्री दलाल ने गत दिनों चण्डीगढ़ में विविध विषयों पर राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति हरियाणा की उप समिति की बैठक में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से यह आह्वान किया।

    उन्होंने राज्य के लीड बैंक पंजाब नेशनल बैंक सहित जिलों के अन्य अग्रणी बैंकों से भी आह्वान किया कि वे पशु किसान क्रेडिट कार्ड, आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना, मुद्रा (शिशु) ऋण दर में अंतर(डीआरआई) तथा एमएसएमई पुन: प्राप्ति ब्याज लाभ योजनाओं को भी प्राथमिकता दें और अधिक से अधिक आवेदकों को कार्ड उपलब्ध करवाएं।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के किसानों की आय वर्ष 2022 तक दोगुनी करने के लक्ष्य को ध्यान में रखकर किसान क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना क्रियान्वित की जा रही है ताकि खेती के साथ-साथ किसान पशुपालन से भी अपनी आय में वृद्धि कर सकें। यह आत्मनिर्भर भारत अभियान की एक महत्वाकांक्षी योजना है।  इसलिए सरकारी प्रयासों के साथ-साथ बैंकर्स का भी दायित्व बनता है कि वे इस योजना को सफल बनाने में आगे आएं।

    उन्होंने कहा कि योजना के तहत प्रदेश में 8 लाख पशु किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध करवाने का लक्ष्य है और इसे बैंकर्स के सहयोग के बगैर प्राप्त नहीं किया जा सकता। इस योजना की जानकारी के लिए बैंकों द्वारा विशेष शिविरों का आयोजन भी किया जाना चाहिए। इसके अलावा, विभाग द्वारा पशु अस्पतालों में विशेष होर्डिंग लगाकर योजना की जानकारी जन-जन तक पहुंचाई जाए।

    श्री दलाल को इस बात से अवगत करवाया गया कि अब तक इस योजना के तहत विभिन्न बैंकों में 3,66,687 आवेदन प्राप्त हुए हैं जिनमें से 57106 आवेदन स्वीकृत कर पशु किसान क्रेडिट कार्ड जारी कर दिए गए हैं। इसके अलावा, विभिन्न बैंकों द्वारा पूरे राज्य में 200 से अधिक शिविरों का भी आयेाजन किया जा चुका है।

    इस योजना के तहत पशु किसान क्रेडिट कार्ड पशुओं की संख्या के अनुसार जारी किया जाएगा। इसके तहत गाय के लिए 40,783 रुपए, भैंस के लिए 60,249 रुपए, भेड़-बकरी के लिए 4063 रुपये, सुअर के लिए 16,337 रुपए, मुर्गी (अंडा देने वाली के लिए) 720 रुपए का ऋण दिया जाएगा। बैंकों द्वारा 7 प्रतिशत की ब्याज दर से आमतौर पर ऋण उपलब्ध करवाया जाता है परंतु पशुपालन क्रेडिट कार्ड के तहत पशुपालकों को केवल 4 प्रतिशत ब्याज दर देनी होगी, जबकि 3 प्रतिशत की छूट केंद्र सरकार की ओर से देने का प्रावधान है। ऋण राशि अधिकतम 3 लाख रुपए तक होगी तथा 1 लाख 60 हजार तक की राशि तक कोलैटरल गारंटी नहीं देनी होगी।

    इस बात की भी जानकारी दी गई कि आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना के तहत बैंकों द्वारा पूरे राज्य में 1,61,810 पात्र खाताधारकों की पहचान की गई तथा 1,16,700 खाताधारकों की सहमति प्राप्त कर 98037 खाते अर्थात 84 प्रतिशत खाताधारकों के लिए 3990.34 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत  की गई जिसमें से 52,006 खातों अर्थात 45 प्रतिशत खाताधारकों को 2782.11 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई।

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