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    Home»हिमाचल प्रदेश»ओवर लोडिड भारी वाहनों को नहीं रोका तो दनोई सटील पुल कभी भी क्षतिग्रस्त हो सकता है!
    हिमाचल प्रदेश

    ओवर लोडिड भारी वाहनों को नहीं रोका तो दनोई सटील पुल कभी भी क्षतिग्रस्त हो सकता है!

    By Himachal VartaDecember 10, 2020
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    ओवरलोडिंग न रुकी तो कभी भी टूट सकता दनोई स्टील ब्रिज

    ओवरलोडिंग न रुकी तो कभी भी टूट सकता दनोई स्टील ब्रिज
    क्षतिग्रस्त दनोई का स्टील पुल (फोटो)

     

    नाहन(हिमाचलवार्ता)। संगड़ाह-रेणुकाजी-नाहन मार्ग पर दो दिन पहले क्षतिग्रस्त हुए दनोई स्टील ब्रिज के वर्टिकल पोस्ट गार्डर को लोक निर्माण विभाग द्वारा फिलहाल वैल्डिंग कर ठीक किया जा चुका है।

    नियमानुसार हांलांकि एसडीओ मैकेनिकल की रिपोर्ट आने तक उक्त पुल पर वाहनों की आवाजाही नहीं हो सकती, मगर प्रशासन द्वारा यहां तैनात दो पुलिस कर्मियों को हटाए जाने के बाद बिना विभाग की अनुमति के पुल पर गाड़ियाँ चल पड़ी है।

    पुल के दूसरी बार क्षतिग्रस्त होने का मुख्य कारण इससे होकर गुजरने वाले ओवरलोडेड लाइमस्टोन तथा रेत-बजरी के ट्रक बताए जा रहे हैं।

    लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता के अनुसार हालांकि रिपोर्ट आने के बाद उक्त पुल बसों तथा सरकार व अदालत द्वारा निर्धारित 9 टन वजनी ट्रकों का भार वहन कर सकेगा, मगर यदि इसे भारी अथवा ओवरलोडेड वाहन चले तो करीब 47 साल पुराना दोबारा क्षतिग्रस्त हो सकता है।

    इससे पूर्व वर्ष 1998 में भी 1973 में बना उक्त पुल क्षतिग्रस्त हो गया था तथा लोक निर्माण विभाग द्वारा उस दौरान भी ओवरलोडेड ट्रक इस पुल के क्षतिग्रस्त होने कारण बताए गए थे। विडंबना यह है कि, पिछले 22 साल से यहां न तो पुलिस, प्रशासन सरकार व विभाग द्वारा ओवरलोडिंग रोकने के उपाय किए गए और न ही नया पुल बनाए जाने की डीपीआर तैयार की गई।

    थाना प्रभारी व डीएसपी संगड़ाह आदि अधिकारियों के अनुसार उप मंडल संगड़ाह में कहीं भी वेट ब्रिज न होने के चलते यहां ओवरलोडेड ट्रकों के चालान नहीं किए जाते हैं। जिला खनन अधिकारी सुरेश भारद्वाज के अनुसार संगड़ाह के लिए गत वर्ष माइनिंग चैक पोस्ट व वेट ब्रिज को स्वीकृति मिली है, मगर जमीन की व्यवस्था होना शेष है। यदि उक्त पुल टूटता है, तो नया पुल बनने तक उप मंडल संगड़ाह व चौपाल की करीब डेढ़ लाख की आबादी का संपर्क जिला मुख्यालय नाहन, पांवटा, दिल्ली व चंडीगढ़ आदि से कट जाएगा।

    क्षेत्र वासियों ने यहां नया पुल बनाए जाने तक ओवरलोडिंग रोके जाने के ठोस उपाय न होने के लिए प्रशासन के प्रति नाराज़गी जताई। दरअसल विकास खंड संगड़ाह के अंतर्गत आने वाला यह पुल पिछले करीब चार साल से नागरिक उप मंडल नाहन के अधिकार क्षेत्र में आता है तथा एसडीएम नाहन अथवा उपायुक्त सिरमौर द्वारा इसे असुरक्षित घोषित न किए जाने के चलते संबंधित अधिकारियों ने यहां तैनात पुलिस कर्मियों को आज से हटा दिया है।

    बुधवार को लोक निर्माण विभाग की अनुमति अथवा क्लेरेंस के बिना क्षेत्र की लाइमस्टोन माइन से पत्थर के ट्रक निकलते देखे गए। डीएसपी शक्ति सिंह ने बताया कि, विभाग अथवा प्रशासन द्वारा क्योंकि पुल को अनसेफ घोषित नहीं किया गया है, इसलिए वहां तैनात दो पुलिस कर्मियों को हटाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि, चूना खदान मालिकों को ओवरलोडिंग न करने के निर्देश दिए गए हैं।

    लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता संगड़ाह रतन शर्मा ने बताया कि, एसडीओ मैकेनिकल द्वारा अपनी रिपोर्ट भेजे जाने के बाद नियमानुसार उक्त पुल पर यातायात बहाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि, रिपेयरिंग के बाद यदि इस स्टील ट्रस ब्रिज पर 9 टन से भारी वजन के वाहन गुजरते हैं, तो यह फिर से क्षतिग्रस्त हो सकता है।

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