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    Home»हिमाचल प्रदेश»जनता की समस्याओं के शीघ्र निवारण को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करें अधिकारी: मुख्यमंत्री
    हिमाचल प्रदेश

    जनता की समस्याओं के शीघ्र निवारण को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करें अधिकारी: मुख्यमंत्री

    By Himachal VartaJanuary 12, 2021
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    शिमला (हिमाचलववार्ता)। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने प्रदेश के अधिकारियों को लोगों की शिकायतों के शीघ्र निवारण को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करने के निर्देश दिए, ताकि शिकायतों के निवारण में अनावश्यक रूप से देरी के कारण उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हों। वह आज यहां मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन-1100 की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

    जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने लोगों की समस्याओं को शीघ्र हल करने और उनके समय व धन की बचत के लिए मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन-1100 आरम्भ की है। मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन-1100 और जनमंच लोगों की शिकायतांे का निवारण उनके घरद्वार पर करने के लिए वरदान सिद्ध हो रहे हैं।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि हेल्पलाइन-1100 शुरू होने के पश्चात इस पर 84 विभागों से संबंधित 789756 फोन काॅल आए, जिनमें से 153970 शिकायतें, 13682 मांगे एवं सुझाव और 622104 जानकारी एवं फाॅलो-अप काॅल्ज और अधिकारी हेल्पडेस्क पर 17946 फोन काॅल्ज प्राप्त हुए। शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि के पश्चात 98132 शिकायतें बंद कर दी गईं।
    जय राम ठाकुर ने कहा कि शिकायतों का उचित विश्लेषण किया जाना चाहिए, ताकि संबंधित विभाग शिकायतों के मुख्य कारण से संबंधित डेटा प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि इससे न केवल जनता की शिकायतों का निवारण होगा, बल्कि शिकायतकर्ता संतुष्ट भी होंगे। उन्होंने कहा कि कुल शिकायतों में से 81 प्रतिशत प्रदेश के 10 मुख्य विभागों जल शक्ति, लोक निर्माण विभाग, पंचायती राज, राजस्व, एचपीएसईबीएल, पुलिस, ग्रामीण विकास, एचआरटीसी, वन और शहरी विकास विभाग से संबंधित होती हैं। इसलिए इनके शीघ्र निवारण पर विशेष बल दिया जाना चाहिए।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में शिकायतों के संतोषजनक निवारण की दर में वृद्धि हुई है, परंतु इसे और अधिक बढ़ाने के प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि जल शक्ति विभाग की संतोषजनक क्लोज़र रिपोर्ट  72 प्रतिशत है, जो कि सबसे अधिक है, जबकि राज्य स्तर पर संतोषजनक क्लोज़र प्रतिशत 64 प्रतिशत है।
    मुख्यमंत्री ने एल 4 चरण में बड़ी संख्या में लंबित मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासनिक सचिवांे को शिकायतों के निवारण पर विशेष बल देना चाहिए और लंबित मामलों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अप्रासंगिक और झूठी काॅल करने वालों पर रोक लगाने के लिए नीति तैयार की जानी चाहिए, क्योंकि इसके कारण संबंधित विभागों को अनावश्यक परेशानी होती है। उन्होंने हेल्पलाइन के कर्मचारियों की कार्यशैली की सराहना भी की।
    जय राम ठाकुर ने कहा कि यद्यपि हेल्पलाइन जनता की शिकायतों के निवारण के लिए शुरू की गई है, परंतु जनता द्वारा उठाई गई मांागों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे सरकार को संबंधित क्षेत्रों से जुड़ी मांगों के बारे में उचित प्रतिक्रिया प्राप्त होगी। उन्होंने जन शिकायतों के शीघ्र निपटारे के लिए संबंधित जिलों के कुछ उपायुक्तों द्वारा की गई पहल के लिए उनकी सराहना भी की।
    सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डाॅ. राम लाल मारकंडा ने कहा कि मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन लोगों की शिकायतों के शीघ्र निवारण के लिए वरदान साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि इससे यह सिद्ध हुआ है कि सुशासन के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का कैसे प्रभावी इस्तेमाल किया जा सकता है।
    मुख्य सचिव अनिल खाची ने कहा कि राज्य के सम्पूर्ण विकास के लिए डेटा संचालित राय महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों को अपनी उपलब्धियों एवं लक्ष्यों का विश्लेषण करना चाहिए। उन्होंने विभिन्न लक्ष्यों के लिए विशेषताओं और समयसीमा को पुनः परिभाषित करने की आवश्यकता भी महसूस की।
    सचिव सूचना प्रौद्योगिकी रजनीश ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और एक विस्तृत प्रस्तुति दी।
    अतिरिक्त मुख्य सचिव राम सुभग सिंह, संजय गुप्ता, मनोज कुमार व आर.डी. धीमान, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, प्रधान सचिव जे.सी. शर्मा, ओंकार चन्द शर्मा व के.के. पंत, सचिव सन्दीप भटनागर, विकास लाबरू व अमिताभ अवस्थी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।
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