Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • अरिहंत इंटरनेशनल विद्यालय, नाहन के युवा निशानेबाजों ने जिला स्तरीय शूटिंग चैंपियनशिप में मनवाया अपनी प्रतिभा का लोहा
    • उपायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित हुई खाद्य सुरक्षा समिति की बैठक
    • उपायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित हुई कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक।
    • आपदा से निपटने के लिए सभी विभाग समन्वय स्थापित कर बनाए कार्य योजनाः उपायुक्त
    • राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने राष्ट्रीय स्तरीय शूलिनी मेले के समापन समारोह की अध्यक्षता की
    • डॉ. शांडिल ने मेले के सफल आयोजन के लिए सभी को दी बधाई
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Wednesday, July 1
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»सिरमौर के चूना पत्थर उद्योग पर अब बर्ड फ्लू की मार, लाखों का नुकसान  
    हिमाचल प्रदेश

    सिरमौर के चूना पत्थर उद्योग पर अब बर्ड फ्लू की मार, लाखों का नुकसान  

    By Himachal VartaJanuary 16, 2021
    Facebook WhatsApp

    नााहन (हिमाचलवार्ता)। कोरोना संकट से उभर रहे हिमाचल प्रदेश के सिरमौर के चूना पत्थर उद्योग पर अब बर्ड फ्लू की मार पड़ गई है। सिरमौर के दो दर्जन से अधिक चूना पत्थर उद्योगों में मुर्गी दाना (पोल्ट्री फार्म का चारा) तैयार किया जाता है।

    रोजाना करीब 50 ट्रक (एक हजार टन) मुर्गी दाना बाहरी राज्यों के लिए सप्लाई होता है लेकिन बाहरी राज्यों के पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू की दस्तक से इसकी सप्लाई में भारी कमी दर्ज की जा रही है।

    लगभग 70 फीसदी कारोबार कम हो गया है। इससे उद्योगों को रोजाना 15 से 20 लाख रुपये का नुकसान झेलना पड़ रहा है।

    चूना पत्थर उद्योगों पर कोरोना काल में आर्थिक संकट पड़ा। अब धीर-धीरे यहां का कारोबार पटरी पर लौटने लगा था लेकिन ऐन मौके पर अब बर्ड फ्लू की दस्तक से फिर आर्थिक संकट के बादल मंडराने शुरू हो गए हैं।

    जिले के सतौन, पुरूवाला, कालाअंब और रेणुका जी में लगभग दो दर्जन उद्योग मुर्गीदाना का उत्पादन करते हैं। चूना पत्थरों से निर्मित होने वाला मुर्गीदाना पोल्ट्री फार्म में चारा के रूप में प्रयोग किया जाता है। चूना पत्थर से मुर्गी का अंडा मजबूत बनता है।

    रोजाना करीब 50 ट्रक कैल्शियम युक्त मुर्गी दाना पंजाब और हरियाणा के पोल्ट्री फार्मों को सप्लाई होता है लेकिन पिछले कुछ दिनों से इसकी सप्लाई महज छह-सात ट्रक ही रह गई है।

    उद्योगपति गगन बंसल, विनोद मल, बलविंदर सिंह आदि ने बताया कि पहले कोरोना से व्यवसाय प्रभावित हुआ था। अब बर्ड फ्लू की दस्तक से कारोबार पर असर पड़ा है। लगभग 70 प्रतिशत कारोबार लुढ़क गया है। रोजाना कारोबारियों को 15 ये 20 लाख रुपये की क्षति उठानी पड़ रही है।

    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • अरिहंत इंटरनेशनल विद्यालय, नाहन के युवा निशानेबाजों ने जिला स्तरीय शूटिंग चैंपियनशिप में मनवाया अपनी प्रतिभा का लोहा
    • उपायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित हुई खाद्य सुरक्षा समिति की बैठक
    • उपायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित हुई कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक।
    • आपदा से निपटने के लिए सभी विभाग समन्वय स्थापित कर बनाए कार्य योजनाः उपायुक्त
    • राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने राष्ट्रीय स्तरीय शूलिनी मेले के समापन समारोह की अध्यक्षता की
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.