नाहन (हिमाचलवार्ता)। सिरमौर देवभूमि क्षत्रिय संगठन के प्रदेश प्रवक्ता प्रताप सिंह रावत ने मीडिया को जारी बयान करते हुए कहा है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर मध्य प्रदेश के रीवा में स्वर्ण आयोग गठन करने की घोषणा की है। यह घोषणा करने से स्वर्ण समाज के लोगों में खुशी का माहौल है। इस घोषणा का देवभूमि क्षत्रिय संगठन हिमाचल प्रदेश एवं सामान्य वर्ग संयुक्त मंच हिमाचल प्रदेश के सभी पदाधिकारियों ने स्वागत किया है। स्वागत करने के साथ-साथ उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का विशेष आभार भी प्रकट किया है।
रावत ने बताया कि इस घोषणा से स्वर्ण समाज के लोगों में खुशी का माहौल है। इस घोषणा का देवभूमि क्षत्रिय संगठन हिमाचल प्रदेश एवं सामान्य वर्ग संयुक्त मंच हिमाचल प्रदेश के सभी पदाधिकारियों ने स्वागत किया है। स्वागत करने के साथ-साथ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का विशेष आभार भी प्रकट किया है। रावत ने बताया है कि इस घोषणा से स्वर्ण समाज के सभी लोगों में नए रक्त का संचार भी हो रहा है। उन्होंने अपने बयान में कहा है कि मध्य प्रदेश में स्वर्ण समाज के लोगों की आबादी केवल मात्र 22% है उसके उपरांत भी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सवर्णों के लिए बहुत बड़ा दिल दिखाया है।
इसके लिए पूरा स्वर्ण समाज उनके उज्जवल भविष्य की कामना करता है। रावत ने बताया की मध्य प्रदेश सरकार की तर्ज पर हिमाचल प्रदेश में भी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को शीघ्र ही स्वर्ण आयोग गठन करने की घोषणा करनी चाहिए। क्योंकि हिमाचल प्रदेश में स्वर्णो की आबादी 70% है। इस को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को भी सवर्णों के प्रति बड़ा दिल दिखाना चाहिए। रावत ने बताया कि जब सभी जाति विशेष के लिए आयोग गठित किए गए हैं तो स्वर्ण आयोग का गठन भी प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए।
ताकि स्वर्ण समाज जाति के लोगों को भी समानता का अधिकार मिल सके। रावत ने बताया कि हमने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिलकर उनसे आग्रह किया है कि आप 90 दिनों के भीतर स्वर्ण आयोग गठन करने की घोषणा करें। अन्यथा उसके बाद स्वर्ण समाज के लोग अपने अधिकार के लिए धरना प्रदर्शन करेंगे। इतना ही नहीं सचिवालय का भी घेराव करेंगे। इसलिए 2022 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को शीघ्र ही स्वर्ण आयोग गठन करने की घोषणा कर देनी चाहिए।
