मई 2020 में इसी तरह के रेपर यशवंत विहार के नाले में मिले है, लेकिन विभाग मुखदर्शक बना नजर आ रहा
नाहन (हिमाचलवार्ता)।
एक तरफ सरकार जहां सस्ते राशन को डिपो तक पहुँचाने की कवायत में लगी है, वही दूसरी तरह डिपो होल्डर नाजायज फायदा उठा रहे हैं। ताजा मामला नाहन पुलिस लाइन में पेश आया है जहाँ सलेटर हाउस के पास को8ठड़ी रास्ते में लगभग 300 से अधिक चने की दाल के रेपर मिलै है। अधिक संख्या में गरीबों की दाल के रेपर का मिलना शहर मे चर्चा का विषय बना हुआ हैं। अटकले यह है कि जो दालें गरीब के मुंह में पहुँचनी चाहिए वह धनाडय व सम्पन लोगों का निवाला बन रही है। यक़ीननं बड़े घोटाले का अंदेशा है।
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शी की माने तो डिपो होल्डर के साथ विभागीय कर्मचारियों का झोल है विभागीय रिकार्ड अनुसार पुराने स्टॉक को महीने के अंत में मिलाया जाता है तथा उसी तर्ज पर नया स्टाक वितरित किया जाता है इतना ही नहीं बल्कि पूरा भंडारण स्टाक की आनलाइन डिटेल रहती है बावजूद उसके कालाबाजारी खुलेआम जारी है! बताया जा रहा है कि दालों के रेपर वर्ष 2019 के है, यदि बीते समय पर नजर डाली जाए तो मई 2020 में इसी तरह के रेपर यशवंत विहार के नाले में मिले थे। इसलिए सम्बन्धित विभाग पर सवालिया निशान खड़े हो रहे है, विभाग ने पहले मिले दालों के रेपर मामले पर कोई कार्यवाही नही की है अब दोबारा मामला आने के बाद विभाग की नीद न टूटी तो जनता व सरकार दोनों के लिए घातक साबित होगा!
जिला खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नियंत्रण अधिकारी आदित्य बिंद्रा ने बताया कि इतनी तादात में दालों के रैपरों का मिलना गम्भीर मामला हैं। इसलिए गम्भीरता को देखते हुए जाँच की जा रही है दोषियों को बक्शा नही जाएगा!
