नाहन (हिमाचलवार्ता)। तीन महीने से बारिश के इन्तजार में बेठे किसान बागबानों ने सोमवार को हुई बारिश से कुछ हद तक राहत की सांस ली है। सोमवार सुबह से जहां मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश हुई वहीं जिला की सबसे उंची चोटी चूड़धार में बर्फबारी का सिलसिला शुरू हुआ। जिससे एक बार फिर से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई।
गौर हो कि बिना बारिश से किसानों की 30 से 40 फीसदी नगदी फसले सूखने की कगार पर पहुंच गई है। इस बारिश से बची फसल बच जाएगी फिर भी सूखे के चलते फसलों पर विपरीत असर पड़ चूका है। जिला के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी बारिश ने मार्च के जाते जाते बर्फ से चोटियां सफेद हो गई। बारिश व ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से समूचा क्षेत्र ठंड ने आगोश में ले लिया है।
बता दें कि अकसर मार्च के महीने में बारिश होती थी। मगर इस वर्ष जिला के उंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर जारी रहा। चूड़धार से स्वामी कमलानंद महाराज ने बताया कि चूड़धार में सुबह करीब साढ़े चार बजे के बाद हल्की बर्फबारी दर्ज की गई है। दोपहर बाद खबर लिखे जाने तक चूड़धार की चोटी पर आधा फुट बर्फ गिरी है।
वहीं जिला के मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्र नौहराधार व हरिपुरधार में बारिश का दौर जारी रहा। गौरतलब है कि इस वर्ष कम बर्फबारी से जल स्रोत सूख रहे है जिससे पानी की भारी किल्लत अभी से सताने लगी है। जो जल स्रोत कभी नही सूखते थे उन जल स्रोतों में पानी काफी कम बह रहा है जिससे ग्रामीणों को पीने के पानी की चिंता सताने लगी है।
बहराल चुडधार की श्रृंखला पर बर्फ गिरने से क्षेत्रो के लोग ठंड से बचने के लिए दोबारा गर्म कपड़े पहनने शुरू कर दिए है। जबकि बारिश व बर्फबारी से किसानों ने राहत की सांस ली है।
