कोरोना पड़ा होली पर भारी, व्यापारियों के चेहरे से ख़ुशी का रंग हुआ गायब, होली का उत्साह गायब, सुने पड़े बाजार
नाहन (हिमाचलवार्ता)। तेज़ी से बढ़ती कोरोना की रफ़्तार को लेकर लोग घरों से बाहर निकलने पर अब परहेज करने लग पड़े है। तो वहीँ, जिला सिरमौर के लगभग सभी बाजार होली के उत्सव को लेकर ठंडे नजर आ रहे है। व्यापारी वर्ग परेशान है। क्योंकि लाखों रूपए के रंग इस बार बिक नहीं रहे है। यही नहीं, प्रशासन के द्वारा भी सामाजिक रूप से होली खेलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। जिसका असर अब साफ़ नजर आ रहा है। बाजार में रासायनिक रंगो की जगह अब महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा तैयार किये गए हर्बल रंगों ने ले ली है।
होली पर गली महौलों में निकलने वाली युवाओं की टोलियों पर इस बार विराम लगने के कारण होली का जश्न भी फीका पड़ता नजर आ रहा है। बता दें कि रंगो के पर्व होली पर लोगों में कोरोना का भय है तथा दुकानों तक ग्राहक नहीं पहुंच रहे हैं ऐसे में लाखों रुपए के रंग खरीद कर ग्राहकों के इंतजार में बैठे नाहन शहर के व्यापारी परेशान है कि आखिरकार उनकी जो पूंजी रंगों पर लगी है उसका क्या होगा।
हिमाचल प्रदेश सरकार व प्रशासन ने आदेश जारी कर दिए हैं कि सार्वजनिक स्थानों पर होली नहीं खेली जाएगी ऐसे में जो लोग रंगों की खरीदारी को लेकर बाजार में आते थे वह भी अब रुक गए हैं तथा जो ग्राहक 1000 रूपए का रंग ले रहा था वह केवल 100 से 200 का रंग ही होली मनाने को लेकर खरीद रहे हैं। लोगों का कहना है कि कोरोना के चलते जिला प्रशासन और सरकार द्वारा जो नियम तय किए गए हैं उसका पालन करना होगा ताकि कोरोना जैसे संक्रमण से बचा जा सके।
लेकिन व्यापारियों का तर्क है कि उनके नुक्सान की भरपाई कौन करेगा। व्यापारियों का कहना है कि इस बार होली में होली त्यौहार के लिए लोग केवल 30 से 40% ही खरीदारी कर रहे हैं। ऐसे में व्यापारियों को होली के पर्व पर भारी नुक्सान की उम्मीद है।
