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    Home»हिमाचल प्रदेश»सिरमौर»पंचायत में टेंडर प्रक्रिया में लगायें धोखाधड़ी के आरोप
    सिरमौर

    पंचायत में टेंडर प्रक्रिया में लगायें धोखाधड़ी के आरोप

    By Himachal VartaApril 2, 2021
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    हाउस की बिना सहमति के रात के अंधेरे में दिए टेंडर , ठेकेदारों ने लगाए धांधली के आरोपनाहन। नगर पंचायत राजगढ़ के कुछ  ठेकेदारों द्वारा नगर पंचायत में टेंडर प्रक्रिया में धोखाधड़ी कर  चुपचाप कार्य आबंटित करने का आरोप लगाया गया  है  | इस बाबत ठेकेदारों के एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा एक ज्ञापन एसडीएम राजगढ़ नरेश वर्मा को भी सौंपा गया और रसीदे कटने और 600 रूपए प्रती ठेकेदार लेने के  वावजूद  अंतिम समय में टेंडर रद्द करने का आरोप नगर पंचायत सचिव पर लगाया।
    सुधीर , दीपक , सचिन , भानू  और रणजोत आदी ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत द्वारा यहाँ के वार्ड नंबर 6 में पहले तो बिना टेंडर के कार्य करवा दिया गया और बिना किसी भी सूचना के अन्य  दो कार्यो के टेंडर अब चुपचाप लगाये जा रहे  थे। 
    इसकी जानकारी मिलने पर ठेकेदारों ने टेंडर फ़ार्म तो भर दिए लेकिन नगर पंचायत सचिव द्वारा अंतिम समय में टेंडर ही रद्द कर दिए गये। ठेकेदारों द्वारा एसडीएम द्वारा इसकी जांच करने की मांग की गयी। 
    एसडीएम को ज्ञापन देने के  बाद ठेकेदारों ने मीडिया की मौजूदगी में  नगर पंचायत अध्यक्ष और सचिव के साथ भी  बैठक का आयोजन किया जहाँ इस  टेंडर प्रक्रिया के लिए कर्मचारी एक दूसरे  को जिम्मेवार ठहराते नजर आये। नगर पंचायत सचिव ने कहा कि जो टेंडर आज खुलने थे उन्हें वितीय स्थिती को देखते हुए हाउस द्वारा रद्द किया गया है। 
    वहीं नगर पंचायत उपाध्यक्ष दिनेश ठाकुर ने साफ़ तौर पर कहा कि उन सहित किसी भी सदस्य को टेंडर प्रक्रिया की जानकारी ही नही थी। वह किसी अन्य  बैठक में भाग लेने के लिए कार्यालय पहुंचे थे लेकिन यहाँ ठेकेदारों को देखकर उन्हें मालूम हुआ कि यहाँ टेंडर प्रक्रिया चल रही है। 
    मामले को जानने के बाद हाउस द्वारा टेंडर रद्द करने का निर्णय लिया गया। मामले की जांच की जाएगी और जो भी कर्मचारी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाही  की जायेगी। नगर पंचायत राजगढ़ के कार्यकारी अधिकारी अजय गर्ग ने बताया कि टेंडर को रद्द कर दिया है साथ ही जो समस्या थी उनका समाधान करवा दिया है। 
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