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    Home»हिमाचल प्रदेश»उत्तराखंड ने कब्जाई हिमाचल की जमीन, प्रदेश के अधिकारीयों को खबर तक नहीं
    हिमाचल प्रदेश

    उत्तराखंड ने कब्जाई हिमाचल की जमीन, प्रदेश के अधिकारीयों को खबर तक नहीं

    By Himachal VartaApril 17, 2021
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    पूर्व सीएम की उद्घाटन पट्टिका तोड़ी

    उत्तराखंड के लोक निर्माण विभाग ने हिमाचल की सीमा पर किये लाखों के निर्माण कार्य ।

    नाहन (हिमाचलवार्ता)। जब कोई राज्य अपने प्रति उदासीन रवैया अपनाता है और अपनी जमीन की सही से देखरेख न करें तो उसका पूरा लाभ पड़ोसी उठाता है। सीमा रेखा विवाद में अक्सर लड़ाई, झगड़े सुनने को मिलते है,  लेकिन हिमाचल प्रदेश में ऐसी सरकार है जिनके अधिकारी अपनी जमीनों को लेकर बेखबर ही नहीं बल्कि कुम्भकर्णी नीद में नजर आ रहें है, मामला हिमाचल व उत्तराखंड प्रदेश की सीमा रेखा तमसा नदी पर बने पुल का सामने आया है।

    जानकारी के मुताबिक लगभग 10 लाख रुपये खर्च करके उत्तराखंड लोनिवि विभाग ने हिमाचल प्रदेश की सड़क में सुरक्षा दीवार सहित पैरापिट का निर्माण करवा रखा है। लेकिन हिमाचल सरकार व जिला सिरमौर के शिलाई स्थित अधिकारीयों को इसकी भनक तक नहीं है। स्थानीय लोगों ने मामले की जानकारी विभागीय अधिकारीयों को दी जरुर है लेकिन कार्रवाही नही हुई है जिससे यह स्पष्ट होता है की सरकार अपने क्षेत्र को लेकर कितनी गंभीर है।

    उतराखंड प्रदेश बनने से पहले उतर प्रदेश का हिस्सा हुआ करता था तथा उतराखंड प्रदेश की चकराता विधानसभा आजादी से पहले सिरमौर रिहासत का हिस्सा हुआ करती थी, लेकिन वर्तमान में तमसा नदी दोनों राज्यों की सीमा रेखा बनी हुई है नदी की एकतरफ हिमाचल तो दूसरी तरफ उतराखंड प्रदेश है साथ में लगते क्षेत्र की सामाजिक परिस्थितयां, बोली व आपसी भाईचारा एक जैसा है इतना ही नहीं बल्कि तमसा नदी पर बने मिनस पुल के लोकार्पण के दोरान हिमाचल के तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह व तत्कालीन उतर प्रदेश के मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह ने एक ही दिन अपनी अपनी जमीन पर पुल के दोनों छोर पर मिनस पुल का लोकार्पण किया है तथा दोनों मुख्यमंत्रियों की लोकार्पण पट्टिकाएं मौका पर लगी कई नए सपनों को जीवन देती नजर आती है।

    दोनों मुख्यमंत्रियों ने कुवाणु में भव्य जनसभा को सम्बोधित किया था जिसमे दोनों प्रदेशों के लोगों से दर्जनों वादे किये गए थे समय बदला और उतराखंड भी बदल गया, वर्तमान में हिमाचल की जमीन पर अपना बजट लगाकर दरियादिली दिखाने की कोशिश कर रहा है। आश्चर्य तो इस बात का हो रहा है कि उतराखंड लाखो रूपये के बजट से हिमाचल की सड़कों को सुरक्षित करने का जिम्मा ले रहा है , लेकिन हिमाचल सरकार से कार्य करने की अनुमति नही ली है न सम्बन्धित विभाग से अनापति प्रमाणपत्र लिया है फिर भी लाखों रूपये सड़क सुरक्षा दीवार में खर्च कर गया है।

    जानकारों की माने तो उतराखंड प्रदेश पहले ही कई किलोमीटर हिमाचल की जमीन पर अपना कब्जा कर चुका है कब्जा करने की कहानी प्रजामंडल से लेकर अबतक चलती आ रही है, पहले उत्तरप्रदेश और अब उतराखंड प्रदेश मुहं में राम राम, और बगल में छुरी वाली कहावत पर कार्य कर रहा है जो हिमाचल क्षेत्र व तमसा नदी के किनारे रह रहें लोगों के लिए घातक साबित हो सकता है, कागजी फाइलों में दोनों राज्यों के बीच क्या चल रहा है इसे अधिकारी ही बेहतर जानते है लेकिन प्रदेश सरकार व लोनिवि विभाग सवालों के घेरे में आ रहा है।

    क्या कहते है उत्तराखंड के अधिकारी

    उत्तराखंड लोनिवि मंडल शईया के अधिशासी अभियंता धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि उत्तराखंड ने बजट पास करके तमसा नदी के उस पार हिमाचल प्रदेश क्षेत्र में सड़क सुरक्षा दीवार का निर्माण कार्य करवाया है जिस पर हिमाचल सरकार व सम्बन्धित विभाग ने कोई आपति नही जताई है। इससे पहले भी उतराखंड सरकार ने हिमाचल प्रदेश क्षेत्र में बजट खर्च किया है जिसपर कोई आपतियाँ नही आई है।  

    हिमाचल के लोक निर्माण विभाग का तर्क 

    उधर, हिमाचल प्रदेश लोनिवि मण्डल शिलाई के अधिशासी अभियंता प्रमोद उप्रेती बताते है कि करीब 14 मीटर दूर हिमाचल प्रदेश की जमीन में उत्तराखंड प्रदेश लोनिवि विभाग द्वारा निर्माण कार्य करवाये गए है। ऐसा क्यों किया गया इसकी जांच हो रही है। यदि उतराखंड प्रदेश की मंशा गलत नजर आई तो जरुरी कार्रवाही के लिए प्रदेश सरकार को लिखा जाएगा तथा भविष्य में अवैध निर्माण कार्य पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा।

    एसडीएम शिलाई बोले विभाग से मांगी है रिपोर्ट 

    इस बारे में एसडीएम शिलाई सुरेश सिंघा से जब बात की गई टी उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग से इसकी विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। उन्होंने कहा कि विभाग की जमींन की डिमार्केशन करवाने को कहा गया है उसके बाद ही वास्तुस्थिति का पता चलेगा। 

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