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    हिमाचल प्रदेश

    मुख्यमंत्री ने ऊना में कोविड और सूखे की स्थिति की समीक्षा की

    By Himachal VartaApril 19, 2021
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    शिमला (हिमाचलवार्ता)। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज जिला ऊना के बचत भवन में कोविड-19 और सूखे जैसी स्थिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने मुख्यमंत्री की घोषणाओं के कार्यान्वयन की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के चुने हुए प्रतिनिधियों को लोगों को फेस मास्क, सामाजिक दूरी बनाए रखने और प्रदेश सरकार द्वारा जारी की गई मानक संचालन प्रक्रियाओं और सामाजिक एवं धार्मिक समारोहों के दौरान अनुमति से अधिक संख्या में एकत्रित न होने के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा। उन्होंने कहा कि वे राज्य के स्वास्थ्य विभाग और कोविड की पाॅजिटिव रिपोर्ट के कारण होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों के मध्य एक सेतु के रूप में कार्य करके महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं। उन्होंने नागरिक संगठनों से भी आग्रह किया कि वे कोविड-19 के लिए स्वयं की जांच करवाने के लिए लोगों को आगे आने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि इससे न केवल कोरोना मामलों का समय रहते पता लगाने में मदद मिलेगी, बल्कि इस वायरस के प्रसार को रोकने में भी सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि लोगों को स्वेच्छा से परीक्षण के लिए आगे आना चाहिए क्योंकि यह न केवल उनकी रक्षा करेगा बल्कि इस वायरस को फैलने से रोकने में भी मदद करेगा।

    जय राम ठाकुर ने कहा कि इन प्रतिनिधियों को लोगों को टीकाकरण के लिए भी प्रेरित करना चाहिए क्योंकि यह उनकी भलाई और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने धार्मिक संगठन के प्रतिनिधियों से भी आग्रह किया कि वे विभिन्न सामाजिक समारोहों जैसे विवाह आदि में बड़ी संख्या में सभाओं में शामिल न होने के लिए लोगों को प्रेरित करें। उन्होंने डाॅक्टरों को स्वयं को व्यक्तिगत रूप से शामिल करके कोविड-19 रोगियों का समुचित इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इलाज के लिए आने वाले मरीजों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे मरीज पर बुरा असर पड़ सकता है। उन्होंने डाॅक्टरों और अन्य पैरा मेडिकल स्टाॅफ से कोविड-19 के मरीजों के प्रति विनम्र व्यवहार रखने को कहा जो कोविड-19 पीड़ित मरीजों के शीघ्र स्वस्थ होने में अहम भूमिका निभाएगा।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कोविड मामलों की संख्या में तीव्र वृद्धि होना चिंता का प्रमुख कारण है। प्रदेश में केवल 218 सक्रिय मामले थे, लेकिन आज यह संख्या 8400 से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देश के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के दौरान लोगों को महामारी से लड़ने के लिए सरकार का सहयोग करने के लिए प्रेरित करने को कहा। उन्होंने कहा कि ऊना जिला प्रशासन ने पिछले वर्ष लाॅकडाउन के दौरान बाहरी राज्यों में फंसे हिमाचलियों की प्रदेश वापसी सुनिश्चित करने में सराहनीय भूमिका निभाई क्योंकि प्रदेश में केवल ऊना में ही ब्राड गेज रेल सुविधा उपलब्ध है।
    उन्होंने जिले में सूखे जैसी स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि विभिन्न जल आपूर्ति योजनाओं को जोड़ने के प्रयास के अलावा विभिन्न गांवों में पानी की आपूर्ति और पानी की कमी वाले क्षेत्रों की बस्तियों को जलापूर्ति की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में सर्दियों के मौसम में बहुत कम बारिश और बर्फ पड़ी है, जिससे जल स्रोतों पर प्रभाव पड़ा है और पानी की आपूर्ति बाधित हुई है।
    मुख्यमंत्री की घोषणाओं में प्रगति की समीक्षा करते हुए, उन्होंने अधिकारियों को जिले के विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में उनके द्वारा की गई सभी घोषणाओं को निर्धारित समय पर पूरा करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इन सभी विकासात्मक योजनाओं को समयबद्ध पूरा होने से न केवल क्षेत्र के लोगों को सुविधा होगी, बल्कि इन विकासात्मक परियोजनाओं की लागत में वृद्धि से भी बचा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी नई और पुरानी परियोजनाएं, जिन पर कार्य होना बाकी है की रिपोर्ट तैयार की जानी चाहिए और और एक केंद्रित दृष्टिकोण के साथ उन पर कार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष रूप से लोक निर्माण और जलशक्ति विभागों में अधिक ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकासात्मक परियोजनाओं को समय से पूरा करने के लिए अधिकारियों को लक्षित दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
    ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि सीमावर्ती जिला होने के नाते, बकायेदारों के खिलाफ सख्त कदम उठाने पर विशेष बल देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिले में सूखे जैसी स्थिति के कारण यहां के कृषि और अन्य कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से जिले में कार्यान्वित की जा रही परियोजनाओं को जल्द पूरा करने के लिए पर्याप्त धनराशि प्रदान करने का भी आग्रह किया।
    स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने कहा कि सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों को होम आइसोलेशन में रखे गए कोविड-19 रोगियों के प्रति और अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है, क्योंकि कुल कोविड रोगियों में से लगभग 90 प्रतिशत होम आइसोलेशन में हंै। उन्होंने कहा कि इससे न केवल कोविड रोगियों की शीघ्र स्वस्थ होने में मदद मिलेगी, बल्कि स्वास्थ्य संस्थानों पर भी बोझ कम होगा।
    उपायुक्त ऊना राघव शर्मा ने मुख्यमंत्री और अन्य उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत करते हुए महामारी के प्रसार को फैलने से रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा किए गए प्रयासों के बारे में प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि जिले का एक बड़ा मेला मानक संचालन प्रक्रिया के अन्तर्गत आयोजित किया गया और लंगरों और भण्डारों में पूर्ण प्रतिबन्ध लगाया गया। उन्होंने कहा कि जिले के लोगों को इस महामारी के प्रति जागरूक करने के लिए एक प्रभावी सूचना शिक्षा और प्रचार अभियान चलाया गया है। विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों के दौरान सरकार द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के प्रति लोगों को जागरूक करने के अलावा सामाजिक कार्यक्रमों के दौरान निर्धारित संख्या से अधिक उपस्थिति पर निरंतर निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती राज्य होने के कारण यहां के लोगों का प्रतिदिन पंजाब आना-जाना लगा रहता है जो चिन्ता का विषय है। उन्होंने सूखे जैसी स्थिति के कारण जिले की फसलों को हुए नुकसान की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अम्ब और गगरेट क्षेत्र सूखे जैसी स्थिति से अधिक प्रभावित हुए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को उनके द्वारा की गई घोषणाओं के समयबद्ध कार्यान्वयन का भी आश्वासन दिया।
    मुख्य चिकित्सा अधिकारी ऊना ने जिले में कोविड की स्थिति पर विस्तार में प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि जिले में कोविड-19 के 781 सक्रिय मामले हैं और अब तक 88 लोगों की जान गई है। जिले का पाॅजीटिवटी दर 4.5 प्रतिशत है जो काफी चिन्ताजनक है। उन्होंने कहा कि जिले में अब तक लगभग 98704 लोगों को कोविड की पहली खुराक और 8835 लोगों को दोनों खुराकें दे दी गई हैं। लोगों को बेहतर उपचार सुविधा प्रदान करवाने के लिए जिले में पर्याप्त स्वास्थ्य सामग्री उपलब्ध है।
    विभिन्न हितधारक जैसे व्यापार मण्डल, धार्मिक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी इस बैठक में भाग लिया और अपने विचार साझा किए।
    राज्य वित्तायोग के अध्यक्ष सत्तपाल सिंह सत्ती, विधायक राजेश ठाकुर, बलवीर चैधरी, उपाध्यक्ष हिमुडा प्रवीन शर्मा, उपाध्यक्ष एचपीएसआईडीसी प्रो. रामकुमार, जिला परिषद की अध्यक्षा नीलम कुमारी, उपाध्यक्ष किशन, पुलिस अधीक्षक ऊना अर्चित सेन और वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया।
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