
नाहन (हिमाचलवार्ता)।– पानी के लिए संघर्ष कुछ इस कदर है की लोगो को परिवार सहित दिन मे 12 घंटे तक पानी भरने मे बिताने पड़ रहे है। लगभग 5 दिन से लोगो को पानी की बूंद तक नसीब नही हुई है और आगे भी कोई संकेत नही दिख रहे।
ऐसे मे 5 – 5 किलोमीटर दूर से खड़ी झड़ाई मे और ऐसी कड़ी धूप मे लोग घोड़े के ऊपर ढोकर पानी ला रहे है और कुछ लोग 1500 रुपए तक मे 2000 लीटर पानी खरीद रहे है।
शिलाई के अन्तर्गत ग्राम पंचायत कांडों भट्नोल, नावना भटवाड़, श्री क्यारी, बाँद्लि पंचायत मे 14 साल से बनी लिफ्ट जो कि पैसे कमाने का सबसे बढ़िया साधन हो गया है।
विभाग पैसा मंजूर करवाता है और फिर खूब मिली भगत होने के बाद भी जनता को पानी की बूंद बूंद के लिए तरसना पड़ रहा है। तीन चार पंचायतो के लिए बनी यह विवादित “उठाऊँ पय जल योजना” 2007 मे मंजूर की गयी थी।
जिसको बनने मे लगभग 12 साल लग गए। उसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का शिलाई प्रवास हुआ। उस वक्त विभाग और स्थानीय नेताओ ने अधूरी इस पेय जल योजना का लोकार्पण भी करवा दिया।
गौरतलब है की उस दौरान विभाग के लोगो ने टैंकर से पानी लाकर इस योजना का आनन फानन मे लोकार्पित करवा दिया।
उसके बाद ग्रामीणो के कड़े विरोध के बाद इस काम को आनन फानन मे पूरा किया गया। अब स्थिति ये है की लगातार लंबे संघर्ष और इंतजार व करोडो रूपय खर्च करने के बाद भी यह योजना लगातर परेशानियों का सबब बनी हुई है।
जिस प्रकार से विभाग यहा पर मौके पर ना जाकर लोगो की समस्याओ को नजरंदाज कर रहा है वह बहुत ही निंदनीय है। ऐसे आईपीएच विभाग को ध्यान देना चाहिए जो लगातार इस योजना के माध्यम से लोगो को छला जा रहा है।
उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि गाव की पानी की समस्या को हल करे और प्रशानिक अधिकारियो को उचित निर्देश दे जिस से नई पेट जल योजना जल्दी चालू हो सके और लोगों को पीने का पानी शीघ्र मिल सके! ऐसे मे विभाग पर उचित कारवाई की सरकार से मांग करते है अन्यथा अब उग्र आंदोलन होगा और इस आंदोलन के लिए स्थानीय नेता प्रशासन और आईपीएच विभाग जिम्मेदार होगा।
