
नाहन (हिमाचलवार्ता)। उपमंडल संगड़ाह में कोरोना संक्रमण तथा सूखे 1 की स्थिति को लेकर स्थानीय एसडीएम द्वारा समिति सभागार पंहुचे संबंधित अधिकारियों की बैठक ली गई। एसडीएम द्वारा अधिकारिक पत्र जारी कर इस बैठक में बुलाए गए पुलिस, वन विभाग, लोक संपर्क, दमकल, जल शक्ति, लोक निर्माण व राजस्व आदि विभागों के अधिकतर बड़े अफसरों द्वारा छोटे कर्मचारियों अथवा अधिकारियों को भेज कर काम चलाया गया। क्षेत्र में गत सप्ताह से लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण व सूखे तथा आगजनी से किसानों को लाखों का नुकसान पहुंचने के चलते इस बैठक को महत्वपूर्ण समझा जा रहा था।
बैठक के दौरान बीडीओ संगड़ाह सुभाष अत्री, कार्यवाहक बीएमओ डॉ कृष्णा भटनागर, नायब तहसीलदार संगड़ाह व थाना प्रभारी मेहर चंद के अलावा होमगार्ड, पशुपालन, वन, जल शक्ति, लोक निर्माण व राजस्व आदि विभागों के कर्मचारी तथा कुछ पंचायत प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
एसडीएम डॉ विक्रम नेगी ने मौजूद कर्मचारियों, अधिकारियों व पंचायत प्रतिनिधियों से कुंभ मेले तथा बाहरी राज्यों से क्षेत्र में लौटे सभी लोगों को चिन्हित करने तथा इनके कोविड टेस्ट करवाने की अपील की।
उन्होंने क्षेत्र के 45 साल से अधिक आयु के सभी लोगों से अपनी बारी आने पर नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में वैक्सीनेशन की अपील भी की। इस दौरान मौजूद संबंधित विभागों के अधिकारियों तथा कर्मचारियों से क्षेत्र में सूखे की स्थिति को लेकर भी चर्चा की गई।
गौरतलब है कि क्षेत्र में आगजनी से जहां पशुचारे की समस्या पैदा हो चुकी है, वहीं कम बारिश से पेयजल संकट के अलावा फसलें भी सूख रही है। इलाके मे गत 2 सप्ताह मे 25 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं।
इस महत्वपूर्ण बैठक के लिए आधिकारिक पत्र जारी कर डीएफओ रेणुकाजी, डीएसपी संगड़ाह, कमांडेंट होमगार्ड व डीपीआरओ नाहन तथा जल शक्ति व लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंताओं के अलावा उपमंडल के तीनों तहसीलदार व नायब तहसीलदार को बुलाया गया था।
कोविड व सुखे जैसे गंभीर समस्याओं के मुद्दे पर हुई इस बैठक में अधिकारियों का न पहुंचना क्षेत्र चर्चा में है तथा विरोधी दलों के कुछ लोग वर्तमान मुख्यमन्त्री के कार्यकाल से जोड़कर भी देख रहे हैं।
मौजूद कर्मचारियों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक इनमें से अधिकतर अधिकारी इन दिनों छुट्टी पर अथवा विभागीय कार्य से क्षेत्र से बाहर गए हैं। क्षेत्र में सूखे की स्थिति के चलते एक तरफ जहां आगजनी से कईं गांव मे पशुचारे का संकट पैदा हो गया है।
