नाहन (हिमाचलवार्ता) । संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले पांवटा साहिब के विभिन्न पंचायतों के लोगों ने काला दिवस मनाया, ओर केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि विरोधी कानून को लेकर भी जमकर सवाल उठाए।
इस दौरान हिमाचल किसान सभा के जिला सचिव गुरविंदर सिंह, संयुक्त किसान मोर्चा के अध्यक्ष अनिन्दर सिंह नॉटी व पांवटा के पूर्व विधायक व किसान महासभा के सचिव आदि मौजूद रहे।
किसानों का कहना है कि कोरोना संक्रमण से पूरे देश मौत के आंकड़े भी बढ़ते जा रहे हैं। वहीं केंद्र सरकार फ्रंट फुट से बैक फुट की ओर नजर आ रही है। किसानों को कोई सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है। ऐसे में किसान काफी हताहत है।
वही पांवटा साहिब के पूर्व विधायक किरनेश जंग ने बताया कि किसानों की पहले भी आर्थिक स्थिति कमजोर है। ऐसे में केंद्र सरकार के तीन कृषि कानून किसानों के लिए भारी पड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि यहां पर सुविधाएं ना के बराबर है।
बता दें कि गत दिनों भी एक पेशेंट को ऑक्सीजन की जरूरत आन पड़ी थी। जिसको पांवटा सिविल हस्पताल से नाहन हॉस्पिटल रेफर किया गया और वहां पर सुविधा ना के बराबर ही मिल पा रही थी। इस वजह से पीड़ित को काफी परेशानियां झेलनी पड़ी।
वही हरप्रीत सिंह ने बताया कि जब किसानों को तीन कृषि कानून पसंद नहीं है तो केंद्र सरकार द्वारा क्यों यह किसान विरोधी कानून लाए हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को किसानों के साथ बैठकर इस बारे में विचार विमर्श करना चाहिए था। उसके बाद ही काले कानूनों को लाना चाहिए।
