नाहन (हिमाचलवार्ता)। कोरोना महामारी ने हमारे प्रदेश में दस्तक दी तो आयुष विभाग के चिकित्सकों, फार्मासिस्ट और अन्य स्टाफ ने जिला सिरमौर के प्रवेश द्वारों जिनकी सीमाएं अन्य राज्यों से लगती थी में ड्यूटी देकर लगातार अप्रैल 2020 से लेकर अक्तूबर 2020 तक बाहरी राज्यों से आने वाले आगंतुको की स्कैनिंग कर उनको क्वारंटाइन करने की प्रक्रिया में बहुत उत्साहनीय कार्य किये।
इसके साथ ही सिरमौर प्रदेश का पहला जिला है। जहां प्रशाशन की सहायता से आयुष किट का व्यापक स्तर पर वितरण किया गया। जिससे हजारों लोग लाभान्वित हुए।
इस वर्ष कोरोना की दूसरी लहर में आयुष विभाग ने सब से पहले नाहन में कोरोना के मरीजों को लक्षणों के आधार पर दवाईयां जो कि जिला प्रशासन द्वारा दिलाई जा रही है
इसी कड़ी में सूरजपुर सब डिवीज़न के आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ राजन सिंह ने जानकारी दी कि शिलाई व पांवटा में प्रतिदिन नए मरीजो की पहचान कर चिकित्सकों द्वारा दुरभाष पर मरीज से सम्पर्क करके लक्षणों के आधार पर औषधि पैक करके मरीज के घर पहुंचाई जाई है।
इस कार्य मे जिला आयुर्वेदिक अधिकारी, डॉ राजिंदर देव शर्मा के मार्गदर्षन में पांवटा साहिब व शिलाई के लिए 10 टीमों का गठन किया गया है ताकि शीघ्र मरीज तक दावा पहुंचाई जा सके।
जिला प्रशासन द्वारा दी गयी लिस्ट मे से अपने से संबधित क्षेत्र के पॉजिटिव केस को फ़ोन पे विस्तृत लक्षण आयुर्वेद चिकित्सक की टीम पता करती है और उसी के अनुसार टीम के बाकी सदस्य मरीज तक दवा को पैक कर पहुंचाते हैं।
ये टीम दूर दराज के क्षेत्र जैसे बनौर, आंज भोज, राजपुर, अम्बोया, राजबन, म्युनिसिपल क्षेत्र पौण्टा, बहराल, माजरा, धौलाकुआं, कोलर हरिपुर खोल क्षेत्र में कार्य कर रही है।
