नाहन (हिमाचलवार्ता)। हिमाचल प्रदेश आशा वर्कर यूनियन पांवटा साहिब ब्लॉक की एक बैठक राजबाला की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक में सबसे पहले पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निधन पर दो मिनट का मौन रखा गया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उसके उपरांत सभी आशा वर्कर्स ने अपनी अपनी समस्याएं रखी।इस मौके पर इंटक जिलाध्यक्ष सुभाष शर्मा व जिला आशा वर्कर्स यूनियन की प्रधान रक्षा ठाकुर भी मौजूद रहे। इस बैठक में आशा वर्कर्स की विभिन्न मांगों पर चर्चा की गई जिसमें मुख्य तौर पर जनवरी 2021 से जून 2021 तक कोविड-19 का इंसेंटिव दिए जाने की मांग की गई।
डिलीवरी व जांच का इंसेंटिव अप्रैल 2000 से मार्च 2021 तक नहीं मिला है, उसे भी जारी करने की मांग की गई। सभी आशा वर्कर्स के लिए ठोस नीति बनाने की मांग की गई। सभी आशा वर्कर का इंसेंटिव हर महीने की 1 तारीख को दिया जाना चाहिए।
जनवरी 2021 को सरकार द्वारा मार्च तक ₹1000 अप्रैल-मई का 1500 रुपए और बजट कैबिनेट में तीन बार 750 रुपए की घोषणा की गई है जो अभी तक नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि निजी संस्थान में प्रस्ताव की प्रोत्साहन राशि को भी बहाल किया जाए। साथ ही कोरोना वैक्सीनेशन की भी हर दिन के हिसाब से प्रोत्साहन राशि दी जाए।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के पहले प्रति महिला 150 रुपए दिया जाता था जो अब घटाकर सिर्फ 100 रुपये कर दिया गया है। आशा वर्कर्स की मांग है कि तीन चेकअप के लिए हर महीने 300 रुपये प्रदान किया जाए। इस मौके पर इंटक जिलाध्यक्ष सुभाष शर्मा ने कहा कि जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल सीएमओ सिरमौर से मिलेगा तथा उनके समक्ष आशा वर्कर्स की मांगों को रखा जाएगा।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि कोविड-19 की दूसरी लहर में सभी आशा वर्कर्स ने अपनी जान की परवाह न करते हुए अपनी ड्यूटी निभाई है। सिरमौर इंटक इनके द्वारा किए गए काम के लिए बधाई देता है और यदि तीसरी लहर आती है तो सभी आशा वर्कर्स को जान की सुरक्षा के लिए सरकार सभी प्रकार की सुविधाएं प्रदान करें।
इस मौके पर कमलजीत, अनीता, बबली, आशा, पूनम, सत्या, रेनू, प्रेमलता, मीरा, सरोज, दया, सीमा, रक्षा, सुनीला, नीलम, अंजना, शबाना, कमलेश, रजनी, बीना और नीलम आदि आशा वर्कर्स मौजूद रही।
