नाहन (हिमाचलवार्ता)। हिमाचल प्रदेश अनुबन्ध नियमित कर्मचारी संगठन के कर्मचारियों का एक शिष्टमंडल प्रदेश उपाध्यक्ष एलआर काँटा की अगवाई में प्रदेश के ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी से पांवटा साहब में मिला। कर्मचारियों ने मांग रखी कि कमीशन पास करके तथा बैच आधार पर नियुक्त कर्मचारियों को 8 साल , 6 साल , 5 साल तथा 3 साल का अनुबंध झेलना पड़ा जिससे उनको बहुत कम वेतन के साथ गुजारा करना पड़ा औऱ कमीशन पास करने के बाबजूद भी आर्थिक तंगी को झेलना पड़ा।
कर्मचारियों का कहना है कि 8 और 6 साल के बाद जब उन्हें नियमित किया गया तो उनकी जो हर साल वेतन में बृद्धि होती थी सरकार को नियमित होने पर इस बढ़े हुए वेतन को प्रोटेक्ट करना चाहिए था , लेकिन सरकार ने उल्टा वापस उन्हें वेतन में वहीँ पहुंचा दिया जो वेतन 2010 में मिलता था। कर्चारियों को वितीय नुकसान के अतिरिक्त सीनियोरिटी का भी समय समय पर 3 से 8 साल का नुकसान हुआ।
उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी इनकी नियुक्ति के समय जूनियर थे वे बाद में उनके सीनियर हो गए और कई विभागों में तो दो-दो प्रमोशन जूनियर कर्मचारियों को मिल गई , लेकिन अनुबन्ध से नियमित कर्मचारी पहले लम्बी अवधि तक अनुबंध पर रहता है और फिर 12 साल तक भी उसी पद पर बना हुआ है, जबकि उसके जूनियर दो-दो प्रोमोशन हो चुकी है।कर्मचारियों का कहना है कि इस अनुबंध ने उनके जीवन को अंधकार में धकेल दिया है।
इसलिए सरकार इन कर्मचारियों को प्रथम नियुक्ति से वरिष्ढता प्रदान करे। कर्मचारियों ने सरकार से आग्रह किया कि उनकी इस मांग को जल्दी पूरा किया जाए ताकि उनके साथ हो रहे भेदभाव को खत्म किया जा सके और उन्हें न्याय मिले। इस मौके पर शिलाई ब्लॉक प्रेसिडेंट प्रदीप चौहान , पांवटा ब्लॉक कार्यकारिणी के ओमप्रकाश शर्मा , संजय शर्मा, सचिन अग्रवाल, महिला विंग से विनीता, संतोष, भुवनेश्वरी व प्रतिभा राणा मौजूद रहे।
