नाहन (हिमाचलवार्ता)। – हिमाचल प्रदेश बेरोजगार शारीरिक शिक्षक संघ की बैठक संघ के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत की अध्यक्षता में वर्चुवली आयोजित की गई। इस बैठक में हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा करीब 20 वर्षों से अधिक समय से शिक्षकों की भर्ती न करने पर भारी रोष है।
बेरोजगार शारीरिक शिक्षक संघ जिला सिरमौर का कहना है कि हिमाचल प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शिक्षकों से वादा किया था कि हिमाचल प्रदेश में शीघ्र ही शारीरिक शिक्षकों की भर्ती आरंभ की जाएगी , लेकिन अब तीन वर्ष से अधिक समय हो गया अभी तक कोई भी भर्ती हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा नहीं की गई है।
हिमाचल प्रदेश बेरोजगार शारीरिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री द्वारा धर्मशाला व शिमला में गत वर्ष शारीरिक शिक्षकों को आश्वस्त किया था कि शीघ्र ही हिमाचल प्रदेश में 2000 शारीरिक शिक्षकों के पद भरे जाएंगे , लेकिन अभी तक एक भी पद नहीं भरा गया है बेरोजगार शारीरिक शिक्षक संघ का कहना है कि हिमाचल प्रदेश मैं लंबे समय से ना तो शारीरिक शिक्षकों की भर्ती हो रही है और ना ही कला अध्यापकों को तैनात किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में इस समय करीब 9 हजार बेरोजगार शारीरिक शिक्षक है जो कि 8000 से अधिक कला अध्यापक है जिन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने बजट के दौरान शारीरिक शिक्षकों की 731 पोस्ट भरने का वादा किया था लेकिन अभी तक फाइनेंशियल अप्रूवल नहीं मिल पाई है।
बेरोजगार शिक्षकों का कहना है कि यदि हिमाचल प्रदेश सरकार ने दो अगस्त से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र के दौरान शारीरिक शिक्षकों व कला अध्यापकों की भर्ती को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया तो हिमाचल प्रदेश के चार क्षेत्रों में होने वाले उपचुनाव में शारीरिक शिक्षक और कला अध्यापक विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा शारीरिक शिक्षक और कला अध्यापकों के साथ छल किया है।
हिमाचल प्रदेश बेरोजगार शारीरिक शिक्षक संघ का कहना है कि यदि हिमाचल प्रदेश सरकार ने शीघ्र ही हिमाचल प्रदेश में शारीरिक शिक्षकों की भर्ती नहीं की तो संघ हिमाचल प्रदेश में सरकार के खिलाफ संघर्ष करने पर विवश होगा।
जानकारी के मुताबिक हिमाचल प्रदेश में करीब 4 हजार से अधिक शारीरिक शिक्षकों की पद खाली पड़ी है लेकिन अभी तक हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षकों की भर्ती नहीं की गई है।
