Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • शीध्र आरम्भ होगा सोलन-सुबाथू मार्ग के सुधारिकरण का कार्य-विक्रमादित्य सिंह
    • निविदाएं आमंत्रित
    • 15 जून से 15 जुलाई 2026 तक चल रहे राज्यव्यापी री-केवाईसी संतृप्ति अभियान का उठाएं लाभ
    • बरसात के मौसम के दौरान नदियों, खड्डों तथा नालों से रहें दूर-उपायुक्त
    • उद्योग मंत्री की अध्यक्षता में जिला स्तरीय शिकायत निवारण समिति की बैठक आयोजित
    • ज़िला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Sunday, July 5
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»प्रधानमंत्री कृषि सिचाई योजना से राजगढ के किसान उगा रहे हैं जो नकदी फसलें
    हिमाचल प्रदेश

    प्रधानमंत्री कृषि सिचाई योजना से राजगढ के किसान उगा रहे हैं जो नकदी फसलें

    By Himachal VartaAugust 28, 2021
    Facebook WhatsApp

    नाहन (हिमाचलवार्ता)। हिमाचल प्रदेश कृषि विभाग के भू-संरक्षण उपमण्डल राजगढ़ के अन्तर्गत ग्राम पंचायत चमेंजी के गावं टिपरिया में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना से किसानो की आर्थिक दशा मे सुधार हो रहा है।

    टिपरिया के किसानों का मुख्य व्यवसाय कृषि है। इस गांव के किसानों द्वारा मुख्यतः खाद्यान्न गेहूँ मक्की आदि के साथ कुछ मात्रा मे सब्जियों का उत्पादन किया जाता था।

    वर्ष 2019 तक गांव में मौजूद कूहल से नकदी फसलों में पाईपों द्वारा सिंचाई की जाती थी परन्तु समय पर फसलो के लिए पानी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं होता था जिस कारण सब्जियां कम क्षेत्र में ही उगाई जाती थी।

    इस समस्या के चलते गांव के कुछ किसानों ने कृषि विभाग के भू-संरक्षण कार्यालय राजगढ़ में सम्पर्क किया। विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पाया कि उपरोक्त गावं में एक पुरानी कुहल है जिसमे जल स्त्रोत से पानी लगातार बहता है, जब सभी किसान लगातार बह रहे पानी से सिंचाई करते थे तो यह पानी प्रति किसान बहुत कम उपलब्ध होता था।

    कई बार इसी वजह से किसानों में पानी के बंटवारे को लेकर आपस में कहासुनी भी हो जाती थी और जब सिंचाई का समय निकल जाता था तो यह पानी व्यर्थ में बहता था।

    इस को देखते हुए विभाग के अधिकारियों ने किसानों का समूह बनाकर प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अन्तर्गत सामुदायिक जल भण्डारण टैंक के निर्माण के बारे में विस्तृत जानकारी दी ताकि कुहल से व्यर्थ बहते हुए पानी का जल भण्डारण करके समय-समय पर सिंचाई कार्यो में इस्तेमाल किया जा सके।

    इसके लिए किसान विकास संघ टिपरिया का गठन करके संजीव तोमर को सर्वसम्मति से प्रधान मनोनीत किया। सारी कार्यवाही के बाद विभाग द्वारा सामूहिक टैंक निर्माण के कार्यान्वयन की स्वीकृति प्रदान की गई।

    विभाग व कृषक विकास संघ समूह के सदस्यों की देखरेख में एक जल भंडारण टैंक का निर्माण किया गया। इस योजना पर कुल 285000 रुपये खर्च किये गये जो कि विभाग द्वारा शत प्रतिशत अनुदान पर योजना पर व्यय किया गया। इस टैंक की कुल जल भण्डारण क्षमता 60000 लीटर है। जिससे अब कुल 3.29 हेक्टेयर भूमि सिंचित की जाती है।

    योजना से पहले प्रत्येक किसान परम्परागत खाद्यान्न फसलें जैसे मक्की, दालेें तथा बरसाती मौसमी सब्जियां जैसे टमाटर, फ्रांसबीन, शिमला मिर्च, व अदरक का औसतन 3-4 बीघा में उत्पादन करता था लेकिन अब प्रत्येक किसान खाद्यान्न व सब्जियों का औसतन 6-7 बीघा में उत्पादन कर रहा है परिणामस्वरूप उत्पादन में परिवर्तन के साथ साथ किसानों की वार्षिक आय में भी तुलनात्मक वृद्धि हो रही है।

    किसानों के अनुसार अब प्रति किसान की औसतन वार्षिक आय 6,50,000 रुपये से 7,50,000 रुपये तक हो गई है जो कि पहले 3 से 3.50 लाख रुपये तक थी। सभी किसान योजना से लाभ उठा रहे है।

    किसानों का मानना है कि उपमण्डलीय भू-संरक्षण कार्यालय राजगढ़ द्वारा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अन्तर्गत निर्मित सामुदायिक जल भण्डारण संरचना (टैंक) टिपरिया कृषक समूह के लिए वरदान साबित हो रही है।

    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • शीध्र आरम्भ होगा सोलन-सुबाथू मार्ग के सुधारिकरण का कार्य-विक्रमादित्य सिंह
    • निविदाएं आमंत्रित
    • 15 जून से 15 जुलाई 2026 तक चल रहे राज्यव्यापी री-केवाईसी संतृप्ति अभियान का उठाएं लाभ
    • बरसात के मौसम के दौरान नदियों, खड्डों तथा नालों से रहें दूर-उपायुक्त
    • उद्योग मंत्री की अध्यक्षता में जिला स्तरीय शिकायत निवारण समिति की बैठक आयोजित
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.