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    Home»हिमाचल प्रदेश»सेब पर संकट, पांच हजार करोड़ की आर्थिकी दांव, विकास कार्य ठप्प : जी.आर. मुसाफिर
    हिमाचल प्रदेश

    सेब पर संकट, पांच हजार करोड़ की आर्थिकी दांव, विकास कार्य ठप्प : जी.आर. मुसाफिर

    By Himachal VartaSeptember 1, 2021
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    नाहन (हिमाचलवार्ता)। केंद्र सरकार उद्योगपतियों की कठपुतली बन कर रह गई है। किसानों और बागवानों की पूरी तरह से अनदेखी की जा रही है।
    सरकार ने 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने का वादा किया था, लेकिन इस सरकार में उद्योगपतियों से मिलकर किसानो को लूटा जा रहा है।
    एक वर्ष से धरने पर बैठे कितने किसानों की मौत भी हो गई है। मगर केंद्र सरकार ने एक शब्‍द भी किसानों के बारे में नही बोला। यह बात पूर्व विधानसभा अध्यक्ष जीआर मुसाफिर ने राजगढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कही।
    उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भी किसानों बागवानों के विषय में कोइ रुची नहीं ले रही है। टमाटर , शिमला मिर्च के बाद अब सेब की फसल भी पूरी तरह पीट गई है। बागवानों को अडवानी और अंबानी की मिलीभगत से ठीक दाम नहीं मिल रहे है।
    प्रदेश की 5 हजार करोड़ की अर्थव्यवस्था पर प्रश्नचिंह लग चूका है। इससे पता चलता है कि भाजपा की नीतियां किसानों और बागबानो के खिलाफ है। मुसाफिर ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा आरम्भ से ही पच्छाद के साथ भेदभाव किया जा रहा है।
    भाजपा के लोग भी सरकार और विधायक से अंदरखाते नाराज चल रहे हैं। मुख्यमंत्री द्वारा तीन वर्ष पूर्व की गई घोषणाओं पर तो कार्य आरंभ नहीं किए जा सके और पच्छाद के लोगों को छलने के लिए फिर से घोषनाओं का पिटारा खोलने की तैयारी की जा रही है।
    यह सरकार चुनाव और उपचुनाव को ध्यान में रखकर ही कार्य करती है और उसके बाद कुम्भकरणीय नींद में सौ जाती है। इस अवसर पर विवेक शर्मा, संजीव शर्मा, अजय चौहान आदी भी उपस्थित रहे।

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