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    Home»हिमाचल प्रदेश»एक बार फिर छली जाएगी शिलाई की जनता , चार सालों से सुविधाओं को तरसा सिविल अस्पताल : हर्षवर्धन चौहान
    हिमाचल प्रदेश

    एक बार फिर छली जाएगी शिलाई की जनता , चार सालों से सुविधाओं को तरसा सिविल अस्पताल : हर्षवर्धन चौहान

    By Himachal VartaSeptember 2, 2021
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    नाहन (हिमाचलवार्ता)। हिमाचल प्रदेश मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर एक बार फिर तीन सितम्बर को शिलाई पहुंचेंगे, मुख्यमंत्री के कार्यकाल का यह दूसरा शिलाई प्रवास है, मुख्यमंत्री ने पहले प्रवास के दौरान शिलाई में करोड़ों रुपए की घोषणाएं की थी, वहीं दूसरे प्रवास के दौरान प्रदेश मुख्यमंत्री 8 योजनाओं के लोकार्पण, 20 शिलान्यास व करोड़ों रुपए की घोषणाएं करने वाले है।

    यह बात शिलाई कांग्रेस के विधायक हर्षवर्धन चौहान ने कहते हुए कहा कि👉 भले ही विपक्ष विकासात्मक कार्यों में सरकार की लापरवाही व अनदेखी को जनता के बीच नहीं भुना पाई हो, लेकिन क्षेत्र में मुख्यमत्री के पहले प्रवास के दौरान की गई घोषणाएं मुकम्मल नहीं हो पाई है, लेकिन क्षेत्र की जनता जागरूक हो गई है।

    मुख्यमंत्री ने पहले प्रवास के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिलाई का दर्जा बढ़ाकर सिविल अस्पताल करने की घोषणा की थी, लेकिन सरकार की घोषणा कागजी दावों में सिमट कर रह गई, और अभी तक धरातल पर नहीं उतर पाई है, बीते चार वर्षों के बाद भी क्षेत्र के लोग स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दर दर भटक रहे है।

    सिविल अस्पताल की घोषणा व कागजों में दर्जा बढ़ाने के बाद न अस्पताल के स्टाफ की तैनाती की गई, न जरूरी उपकरण , न ही अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई है।

    सिविल अस्पताल में शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ के अतिरिक्त आधा दर्जन से अधिक डॉक्टरों की तैनाती के साथ दर्जनों पैरा मेडिकल स्टाफ व अन्य पद भरे जाने जरूरी होते है, सिटी स्कैन सहित आपातकाल में ऑपरेशन थियेटर की सुविधाएं होना जरूरी है, लेकिन सिविल अस्पताल शिलाई में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का स्टाफ भी पूरा नहीं है, लगभग 40 प्रतिशत स्टाफ के सालों से पद रिक्त चल रहे है, अस्पताल चार सालों से मात्र दो डाक्टरों के सहारे चल रहा है, क्षेत्रीय लोगों को एक अल्ट्रासाउंड टेस्ट करवाने के लिए 100 से 150 किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है।

    बीते चार वर्षों से सिविल अस्पताल को घोषणा जस की तस है और क्षेत्रीय लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जहां आर्थिक बोझ तले दबना पड़ रहा है वहीं भारी परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है।

    मुख्यमंत्री के पहले प्रवास के दौरान ही अदद नेडा खड्ड से शिलाई उठाऊ पेयजल योजना की घोषणा की गई थी, बावजूद उसके शिलाई में पेयजल को लेकर आए दिन लोग जल शक्ति विभाग व सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर रहे है, क्षेत्रवासियों को दो बाल्टी पानी 15 दिनों बाद मुश्किल से नसीब हो पाता है।

    भाजपा सरकार व नेताओं के घोषणाओं की सूची लंबी है, जिनमें तत्कालीन प्रदेश मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, सांसद व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, वर्तमान में भाजपा सुप्रीमो जगत प्रकाश नड्डा ने शिलाई को करोड़ों की घोषणाएं की है, नेताओं की घोषणाएं धरातल पर न उतरने के कारण क्षेत्र की जनता खुद को ठगा महसूस कर रही है।

    आपको बताते चले कि एक दशक पूर्व अनुराग ठाकुर ने लगभग 50 लाख से अधिक के बजट से बनने वाले इंडोर स्टेडियम की घोषणा शिलाई की जनता को की थी, तत्कालीन प्रदेश मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिलाई को 20 बेडिड आपातकाल वार्ड की घोषणा की है, जबकि भाजपा के तत्कालीन केंद्रीय मंत्री व वर्तमान में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने शिलाई के बालिकोटी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत बालीकोटी को गोद लेने की घोषणा करके आदर्श पंचायत बनाने की घोषणा की थी,

    बालीकोटी पंचायत में लगभग 17 करोड़ रुपए विकास कार्यों में खर्च करने की घोषणाएं की गई थी, लेकिन बीते पांच वर्षों में फूटी कौड़ी भी पंचायत के विकास में खर्च नहीं की गई है, न भाजपा सरकार व नेताओं ने मुड़कर गोद ली पंचायत की तरफ देखा है,

    पंचायत के लोग आज भी मूलभूत समस्याओं के लिए तरस रहे है, इतना ही नहीं बल्कि इनके अतिरिक्त विधानसभा शिलाई के सतोंन, कफोटा, टिंबी, शिलाई, नैनीधार, रोनहाट के अतिरिक्त विभिन्न पंचायतों व गावों में ऐसी दर्जनों घोषणाएं है, जो भाजपा के मंचो से तो पूरी हो गई, लेकिन घोषणाओं को जमीन आज तक नहीं मिल पाई है। इसलिए भाजपा की घोषणाओं से शिलाई की जनता का विश्वास उठ चुका है।

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