नाहन (हिमाचलवार्ता)। राजकीय महाविद्यालय राजगढ़ में चल रहे ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के अन्तर्गत आज एनएसएस व एनसीसी इकाई द्वारा प्रदेश के स्वतन्त्रता सेनानियों व शहीदों को सम्मानपूर्वक याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। छात्र छात्राओं ने देश के इन महान सपूतों के जीवन व उनके देश भक्ति से ओत प्रोत कार्यों पर प्रकाश डाला।
पझोता आंदोलन के स्वतंत्रता सेनानी वैद्य सूरत सिंह के बारे में बताते हुए स्वयंसेवियों ने कहा कि अंग्रेजी सेना द्धारा उनके घर तक को बम से उड़ाने के बावजूद, स्वंतत्रता की लड़ाई में उनके हौंसले पस्त नहीं हुए।
विद्यार्थियों ने श्रीमती सुनेहरो देवी, चेत सिंह, कामना राम, लक्ष्मी नारायण व बस्ती राम पहाड़िया सहित कई स्थानीय स्वतंत्रता सेनानियों के कार्यों को याद किया। साथ ही रुचि, मंजू चौहान, प्रियदर्शनी, ऋतिक, मयूर, साक्षी शर्मा व दिशा ने बाबा काशी राम, शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा, डॉo वाई एस परमार, जैसे कई अन्य स्वंतत्रता सेनानियों व देश भक्तों की जीवनियों पर प्रकाश डाला।
महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो० निवेदिता पाठक ने इस अवसर पर कहा कि देश के आजादी व तदोपरांत देश की अखंडता को सहेज कर रखने वाले इन जननायकों का ऋण देश कभी नहीं चुका सकता। हम सब को आपसी सदभाव को बना कर रखते हुए, उनके दिखाए हुए रास्ते पर चलना चाहिए।
एनसीसी प्रभारी डॉo शशि किरण ने कहा कि देश के जिन वीर सपूतों ने हमें आजादी का अनमोल उपहार दिया है, उन सब को याद करना हमारा कर्तव्य है। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉo जगदीप वर्मा ने कहा कि अगर हम अपने स्वतंत्रता सेनानियों तथा अन्य देश भक्तों के बारे में पढ़ते हैं तो अपने जीवन पथ पर आने वाली कई चुनौतियों व समस्याओं के समाधान की शिक्षा पा सकते हैं।
