नाहन (हिमाचलवार्ता)। शिक्षा खंड शिलाई के अंतर्गत प्राथमिक स्कूल मटियाना में स्कूल प्रबंधन समिति की मनमर्जी व् पाचक पद पर अपने चहेतों को नियुक्त करने का सनसनी खेज मामला सामने आया है, आरटीआई में हुए खुलासे ने सबको चोंका दिया है, मामला उजागर होने के बाद जहाँ क्षेत्रवासियों में प्रवंधन सिमिति व् शिक्षा विभाग के प्रति रोष व्याप्त है, वही शिक्षा विभाग में हडकम्प मचा हुआ है!
शिक्षा विभाग ने पुरानी स्कूल प्रवंधन सिमिति का कार्यकाल पूर्ण होने पर मार्च 2020 से बढाकर मार्च 2021 तक मान्यता दी थी, प्रबंधन सिमिति को इस बीच किसी तरह के बदलाव, बैठक या अभिभावकों को एकत्रित करवाने की इसलिए अनुमति नही थी, कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर पीक पर चल रही थी! प्रदेश में स्कूल बंद होने के कारण मध्यान भोजन बनाने की जरूरत भी नही थी, बाबजूद उसके प्रबंधन सिमिति ने सभी नियमों को ताक पर रखकर पाचक पद के लिए न अधिसूचना जारी की, न किसी न्यूज़ पेपर पर अधिसूचना दी, न साक्षात्कार, न सरकारी गजट पर पद भरने की अधिसूचना का हवाला दिया, इतना ही नहीं बल्कि स्कूल प्रबंधन समिति ने आवेदन प्रकिया भी पूर्ण नही की है, कोरोना संक्रमण नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाकर पाचक पद पर स्कूल प्रबंधन समिति ने सीधी नियुक्ति दे दी है!
जन सूचना में मिली जानकारी की बात करें तो स्कूल प्रबंधन कमेटी ने पाचक पद पर नियुक्त हुई अभियार्थी के कागज देकर, मामले को दबाने की नामुमकिन कोशिश की गई, दूसरी सूचना में शिक्षा विभाग के तेवर तीखे दिखे और प्रबंधन कमेटी पर मनमर्जी के आरोप भी लगाए गए, लेकिन जब तीसरी सूचना मांगी गई तो आननफानन में प्राथमिक स्कूल मटियाना की प्रबंधन कमेटी ने चुनिन्दा लोगो के आवेदन पिछली तारिक में डालकर सूचना में पेश कर दिए, लिखे गए आवेदनों में यह बात स्पष्ट होती है, कि सभी आवेदन एक ही व्यक्ति की लिखाई में डाले गए है! जिनके आवेदन डालें गए है वह सभी सम्पन परिवारों से संबंध रखते है तथा एक ही अभियार्थी को पाचक पद के लायक दिखाया गया है जबकि नियमों के अनुसार उक्त व्यक्ति की पूर्ण जानकारी नही दी गई है!
पाचक पद भर्ती के लिए जरुरी दस्तावेजों की बात की जाए तो, नियमानुसार सरकारी मापदंडो पर नियुक्तियां करना जरुरी होता है, नियुक्तियां करने के लिए भले ही प्रबंधन कमेटी सभी अधिकार रखती हो, लेकिन नियुक्ति करने की पूर्ण प्रक्रिया सम्बन्धित विभागीय अधिकारीयों सहित मुख्य शिक्षक को होना जरुरी होती है, लेकिन मटियाना प्राथमिक स्कूल में ऐसा कुछ नही हुआ, प्रबंधन समिति ने अपने चहेतों को नोकरी देने के लालच में लाकडाउन में ही नियुक्ति दे दी है, प्रबंधन समिति ने न अभिभावकों की बैठक की, न ही सरकार के कायदे समझे और मनमर्जी करते हुए अभियार्थी को इसी दोरान जोएनिंग भी दे दी है!
आश्चर्य इस बात से हो रहा है कि स्कूल प्रबंधन समिति ने अपनी दबंगई की नुमाइश सरेआम की है, शिक्षा खंड अधिकारी सहित मुख्य शिक्षक मुखदर्शक बने रहे, नियमों की धज्जियां उडाती प्रबंधन समिति की मनमर्जी को किसी ने रोकने की कोशिशे नही की है, न ही पात्र व्यक्ति को पाचक पद पर नियुक्त करने के लिए आपतियाँ जताई, पाचक पद के लिए बीपीएल परिवार होने पर 3 अंक,एसीएसटी/ओबीसी/ अल्पसंख्यक वर्ग से सम्बन्धित 2 अंक, उम्मदीवार जो बिना किसी सदस्य के परिवारों से हो को 2 अंक, तथा खाना पकाने का अनुभव रखने वाले व्यक्ति को 2 अंक अतिरिक्त होते है, लेकिन प्रबंधन समिति ने इस तरह के कोई अंक न जोड़े है, न ही पात्रता रखने वाले इसे व्यक्तियों के आवेदन आमंत्रित किये है इसलिए यहाँ दिया तले अँधेरे वाली कहावत चरितार्थ हो रही है!
क्षेत्र वासियों सहित ग्रामीणों की माने तो पाचक पद भर्ती में स्कूल प्रबंधन समिति भ्रष्टाचार में लिप्त रही, चन्द रुपयों के लिए अपात्र व्यक्ति को पाचक पद पर नियुक्त किया गया है, सम्पन परिवार को फायदा पहुँचाया गया है, गरीबो के अधिकारों का हनन किया गया है, शिक्षा विभाग के शिक्षक व अधिकारी मामले में लिप्त है, इसलिए यदि प्राथमिक स्कूल में पाचक पद पर तेनात महिला को बाहर करके पात्र व्यक्ति को नियुक्ति न दी गई तो आरटीआई में शिक्षा विभाग व प्रबंधन समिति की करनी व कथनी का खुलासा न्यायालय के समक्ष रखा जाएगा और सबको सलाखों के पीछे डालने की मांग रखी जाएगी!
जिला सिरमौर शिक्षा विभाग उपनिदेशक दया राम भोगल ने मामले की पुष्टि में पल्ला झाड़ते हुए बताया कि पाचक पद पर नियुक्तियां करना स्कूल प्रबंधन समिति का दायित्व होता है, उनके पास कोई रिकार्ड उपलब्ध नही होता है, यदि नियमों से बहार स्कूल प्रबंधन समिति ने कार्यवाही की होगी तो सम्बन्धित शिक्षक व समिति से रिकार्ड माँगा जाएगा, लाकडाउन के दोरान इस तरह की नियुक्तियों पर सरकार ने रोक लगाई हुई थी, शिलाई शिक्षा खंड अधिकारी से वितरित रिपोर्ट मांगी जा रही है साथ ही मामले में जांच के आदेश दिए जा रहे है!
