
नाहन 11 अक्तूबर (हिमाचलवार्ता)। त्योहारों के अवसर पर लोगों को फलों, सब्जियों के अलावा पेट्रो पदार्थों में महंगाई की मार से जूझना पड़ रहा है। नवरात्र अवसर पर जिलाभर में अचानक खाद्य वस्तुओं के दामों में उछाल के बाद आम आदमी पर महगाई का बोझ बढ गया है। खाद्य वस्तुओं में नवरात्र में फलाहारी भोजन में गिना जाने वाला पहाड़ी आलू 40 रुपए प्रतिकिलो तक पहुंचा है। बाजार में इस दौरान फलों की कीमतों में भी लगातार उछाल आया हुआ है।
नाहन बाजार में सेब की कीमतें 100 से 150 रुपए प्रतिकिले, अमरूद 60 से 70 रुपए प्रतिकिलो, हरे नारियल की कीमत 70 से 80 रुपए शिमला मिर्च की कीमत 80 रुपए प्रतिकिलो, फूलगोभी 60 से 70 रुपए प्रतिकिलो, खीरा व भिंडी की कीमतें 40 से 50 रुपए प्रतिकिलो तक पहुंची है। सब्जियों की कीमतें भी गृहिणियों के बजट को हिला कर रख दिया है। त्योहारी सीजन में खाद्य तेलों में खपत अधिक होने के साथ मांग बढ़ रही है, जिसके कारण खाद्य तेलों में महंगाई लगाातर बढ़ रही है। लिहाजा खाद्य तेल सरसों जहां 160 रुपए से 220 रुपए प्रति लीटर, रिफाइंड सोयाबीन आयल की कीमतें भी 150 रुपए से पर हैं।
उपभोक्ता संतोष, अमिता, सीता, नीलम, प्रेमपाल व सर्वेक्ष शर्मा इत्यादि ने बताया कि त्योहारी सीजन में खाद्य वस्तुओं में रोजाना नए रेट बढ़ रहे हैं। घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें एक हजार रुपए तक पहुंचने से उनकी बुरी तरह से घर संचालन का बजट बिगड़ गया है। उपभोक्ताओं का कहना है कि शहरों में पहले से खर्चे बढ़े हुए हैं, ऊपर से रोजमर्रा की वस्तुओं में महंगाई से कमर टूट रही है। अब तो बस गरीब के कपड़े उतारने बाकी बचे हैं!
नाहन के सब्जी विक्रेता गगन, चमन, राजकुमर इत्यादि ने बताया कि नवरात्र पर थोक भाव मंडी से आलू प्याज कीमतें बढ़ गई हैं, जबकि किराना दुकानदार हरजोत सिंह, हरनाम सिंह साहनी व राजेश इत्यादि ने बताया कि खाद्य तेलों में थोक भाव ही महंगे आ रहे हैं।
