
नाहन (हिमाचलवार्ता)। हरिओम गौशाला यशवंतनगर में आगामी 17 से 23 अक्तूबर तक भागवतपुराण की कथा होगी। जिसमें आचार्य चैतन्य प्रकाश द्वारा भागवत कथा का रसास्वादन करवाया जाएगा । सबसे अहम बात यह है कि आचार्य द्वारा सात दिन तक निःशुल्क कथापाठ किया जाएगा । यह जानकारी गौशाला के प्रधान कपिल ठाकुर ने देते हुए बताया कि इस भागवत कथा में धार्मिक ग्रंथों में गऊ माता को दिए गए महत्व बारे लोगों को जानकारी दी जाएगी । इनका कहना है कि जिस प्रकार किसानों द्वारा गौवंश को सड़कों पर लावारिस छोड़ा जाता है वह बहुत ही दुःखदाई है । इसी उददेश्य को लेकर गौशाला में भागवत पुराण का आयोजन किया जा रहा है। बताया कि धार्मिक ग्रंथों में गाय को माता की संज्ञा दी गई है परंतु लोग इनको सड़कों पर घक्के खाने को छोड़ रहे हैं ।
बता दें कि हरिओम गौशाला में गौवंश की सेवा एवं सरंक्षण करने के लिए एक अनूठी मिसाल कायम की है जहां पर गौवंश के प्रति सेवा व समपर्ण की भावना साक्षात रूप में देखने को मिलती है । इस गौशाला में एक सौ से अधिक बेसहारा पशुओं को आश्रय मिला है । इसका संचालन निजी क्षेत्र में किया जा रहा है । सबसे अहम बात यह है कि कोरोना महामारी को देखते हुए इस गौशाला में विशेष प्रकार के गोबर के औषधीयुक्त उपले तैयार किए जा रहे हैं जोकि सेनेटाईजर का कार्य करने के अलावा घर में वास्तुदोष, नकारात्मक ऊर्जा व तनाव को को दूर करने तथा स्वास्थ्य के लिए काफी लाभवर्धक माने गए हैं ।
कपिल ठाकुर ने बताया कि गौशाला में तैयार किए जा रहे औषधीय उपले में लोहबान, गुग्गल, पीली सरसौं, गेहूं, जौ, काली मिर्च, काले तिल, सफेद तिल, चावल, देवदार का बुरादा, पाजा, इलायची, लौंग, गौमूत्र को मिलाकर तैयार किए जा रहे हैं जिसकी लोगों में काफी मांग बढ़ रही है । बताया कि इस गौशाला के लिए नेरी जगयाला के अमर सिंह ठाकुर द्वारा साढ़े तीन बीधा भूमि दान की गई है जिस पर हरिओम गौशाला द्वारा संचालन समिति द्वारा गौशाला का शैड तैयार किया गया है जिसमें एक सौ गौवंश रखने की क्षमता है । कहा कि गौशाला में पांच कर्मचारियों को तैनात किया गया है जिन्हें समिति द्वारा अच्छा वेतन दिया जाता है ।
कपिल ठाकुर ने बताया कि इस गौशाला में लोगों द्वारा अपने जन्मदिन पर ग्रहों के निवारण के लिए गौ-पार्टी भी दी जा रही है । लोग अब जन्मदिन को होटल रेस्तरां में नही अपितु गौशाला में आकर दान देकर मनाते हैं । बताया कि गौवंश के भोजन के लिए प्रतिमाह एक लाख से अधिक राशि व्यय हो रही है । उन्होने कहा कि इस गौशाला के संचालन में कई दानी सज्जनों का सहयोग मिल रहा है ।