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    सिरमौर

    माइनिंग इंजीनियरिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया हिमाचल चैप्टर के चैयरमैन बने राजेंद्र तिवारी

    By Himachal VartaNovember 1, 2021
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    माइनिंग इंजीनियर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया हिमाचल चैप्टर के चेयरमैन बने  राजेंद्र तिवारी 
     नाहन 01 नवम्बर (हिमाचलवार्त) :- माइनिंग इंजीनियर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया हिमाचल चैप्टर की वर्चुवली बैठक चेप्टर के पूर्व चेयरमैन सुभाष शर्मा की अध्यक्षता आयोजित की गई , जिसमें नई टीम बनाने के लिए अरुण शर्मा की अगुवाई में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया।
    कमेटी ने हिमालयन चैप्टर की नई टीम दो वर्ष के लिए प्रस्तावित की गई जिसे सर्व सम्मति से मैसर्स जय सिंह ठाकुर एंड संस के महाप्रबंधक राजेंद्र तिवारी को सर्वसम्मति से माइनिंग इंजीनियर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया हिमाचल चैप्टर का चैयरमेन बनाया गया।
     वायस चेयरमैन अमित दुबे एवीपी अल्ट्राटेक सीमेंट, सचिव डॉ.एस.एस.रंधावा प्रधान वैज्ञानिक अधिकारी हिमकॉस्ट, संयुक्त सचिव संजीव शर्मा भूविज्ञानी उद्योग विभाग शिमला, कोषाध्यक्ष आरआर प्रसाद खनन प्रमुख गुजरात अंबुजा सीमेंट कंपनी को मनोनीत किया गया है।
      इसके अलावा चैप्टर कार्यकारिणी के सदस्य सुभाष शर्मा पूर्व चेयरमैन, अरुण शर्मा पूर्व राज्य भूविज्ञानी, डॉ. नवल किशोर प्रो. भूविज्ञान विभाग पंजाब विश्वविद्यालय (सेनि ) , डॉ. एचआर डांडी वरिष्ठ भूविज्ञानी , अशोक शर्मा पूर्व खनन अधिकारी जिला कांगड़ा , कुम्भा राम चौधरी खनन अभियंता सीसीआई राजबन को चुना गया है।
    गौर हो कि माइनिंग इंजीनियर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की स्थापना वर्ष 1957 में स्वर्गीय एनएस क्लेयर और अन्य प्रख्यात खनन इंजीनियरों के गतिशील नेतृत्व में किया गया था।
    एसोसिएशन का गठन अन्य बातों के साथ-साथ जिन उद्देश्यों पर प्रकाश डालता है उनमे भारत में खनन उद्योग से जुड़े खनन इंजीनियरों, भूवैज्ञानिकों और संबद्ध इंजीनियरों के हितों की रक्षा करना और उनके पेशे में उनकी सामाजिक और बौद्धिक स्थिति में सुधार करना है।
    खनन इंजीनियरिंग और अन्य संबद्ध पृथ्वी विज्ञान के विशेष संदर्भ में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने में सहायता और भाग लेना, देश के आर्थिक और औद्योगिक विकास को प्रभावित करने वाले सभी विधानों की प्रगति पर निगरानी रखना, सामान्य रूप से और खनन उद्योग, विशेष रूप से और अपने सदस्यों के सामूहिक विचारों को आवश्यक होने पर उचित मंच तक पंहुचाना, अपने सदस्यों और खान प्रबंधन, सरकारी अधिकारियों और श्रमिकों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध बनाना, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर खनन और खनिज उद्योगों से संबंधित विभिन्न बोर्डों, समितियों और नीति निर्माण निकायों में एसोसिएशन का प्रतिनिधित्व प्राप्त करना, तकनीकी पेपर प्रस्तुतियों, कार्यशालाओं, संगोष्ठियों, चर्चाओं आदि का आयोजन करके खनन उद्योग में खनन और संबद्ध व्यवसायों की कला विज्ञान और प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए और देश में पृथ्वी विज्ञान और खनन शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य में भाग लेने के लिए, खनन और खनिज उद्योगों में कल्याण और सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना मुख्य रूप से शामिल है।
    तिवारी ने बैठक का विस्तृत लक्ष्य बताया और युवा सदस्यों को आगे आने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा जिसमें ऊर्जा प्रचुर मात्रा में होती है। चर्चा के अंत में सुभाष शर्मा ने समापन टिप्पणी की और सुझाव दिया कि नई सदस्यता पर अधिक जोर दिया जाना चाहिए क्योंकि एसीसी, सीसीआई, गुजरात अंबुजा और अल्ट्राटेक से और सदस्यों को चैप्टर में अपना प्रतिनिधित्व बढ़ाना चाहिए जैसा कि पहले था।
    उन्होंने अगली बैठक जल्द ही फिजिकल मोड में करने का भी सुझाव दिया ताकि आमने-सामने चर्चा की जा सके। बैठक में एसीसी बरमाना के खनन प्रमुख पंकज नयन विशेष रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने चैप्टर को सक्रिय करने में अपनी प्रमुख भूमिका निभाने का वादा किया।
    बैठक के प्रारंभ में स्व.जितेन्द्र सूद , स्व. वीके वालिया व स्व. ज्ञान चंद आदि चैप्टर के वरिष्ट दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि व्यक्त की गई। अंत में सचिव डॉ. रंधावा ने सभी सदस्यों का धन्यवाद किया।
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