नाहन (हिमाचलवार्ता)। वर्तमान समय में सभी लोग पैसे के पीछे भागते नजर आते हैं। कहीं न कहीं पैंसा जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका भी अदा करता है। इसी कड़ी में पांवटा के स्थानीय व्यापारी लेखराज ने ईमानदारी दिखाते हुए पैंसों से भरा पर्स उसके असली मालिक तक पहुंचाया।
बता दे कि लेखराज एक स्थानीय व्यापारी हैं, जिनकी ऐतिहासिक गुरुद्वारा पांवटा साहिब के निकट दुकान है। रात्रि साढ़े 9 बजे के करीब जब लेखराज दुकान बंद कर घर की ओर जा रहे थे तब उन्हें यह पर्स मिला, वहीं जब इस बारें में उनसे बात की गई तो उन्होंने बताया कि हिसार से पर्यटक गुरुद्वारा में शीश नवाने आये थे।
गलती से उनका पर्स जेब से गिर गया और उन्हें वह पर्स मिल गया। लेखराज ने कहा कि पर्स में करीब आठ हजार रुपए रखे थे। साथ में एटीएम कार्ड सहित आधारकार्ड व अन्य जरूरी दस्तावेज थे।
उन्होंने आधार कार्ड पर पता जानकर और अन्य दस्तावेज से फोन नम्बर ढूंढा और व्यक्ति से सम्पर्क साधने के प्रयास किया, जिन्हें बाद में ईमानदारी के साथ यह पर्स लौटाया गया। लेखराज के बेटे ने उसकी मदद की और पर्स को हिसार के सुरेंद्र तक पहुंचाया,जिनका पर्स उनसे गिर गया था।
वहीं इस बाबत जब सुरेंद्र निवासी बॉस जिला हिसार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वह बहुत खुश हैं कि आज भी ईमानदारी कायम है। उनका कहना है कि वो और उनका भाई नरेंद्र गुरुद्वारा में माथा टेकने आये थे, जब वह गाड़ी में हिसार के लिए रवाना हो रहे थे तब उनकी जेब से यह पर्स गिर गया।
सुरेंद्र ने बताया कि पर्स में आरसी, एटीएमकार्ड ,आधारकार्ड व अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे थे,जो उन्हें सही वापस मिल गए हैं।
