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    Home»राजनैतिक»क्या रूठें नेताओं कों मनाने में सफल हो पाएंगे कश्यप और ऊर्जा मंत्री, या फिर होगा समझौता
    राजनैतिक

    क्या रूठें नेताओं कों मनाने में सफल हो पाएंगे कश्यप और ऊर्जा मंत्री, या फिर होगा समझौता

    By Himachal VartaSeptember 14, 2022
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    पांवटा साहिब (हिमाचल वार्ता न्यूज) :- पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्र में वैसे विधानसभा चुनाव दिलचस्प होने वाले हैँ, क्यूंकि भाजपा से ही तीन कद्वावार नेता टिकट कि दावेदारी कर रहे है। भाजपा से बागी हुए मनीष तोमर और रोशन चौधरी सहित समाजसेवी मदन शर्मा को भाजपा के प्रदेशध्यक्ष सुरेश कश्यप ने शिमला बुलवा भेजा था।

    कयास लगाए जा रहे है कि तीनों दिग्गज नेता समझौते की तैयारी में हैं और आज ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी की अध्यक्षता में बैठक होनी निश्चित हुई थी। हालांकि शिक्षा से सेवानिवृत्त हुए और रोशन चौधरी भी जनता के बीच अपनी पैठ बनाए हुए है। सनद रहे कि रोशन शास्त्री भी ऊर्जा मंत्री चौधरी सुखराम की बिरादरी यानी कि बाहती ही समुदाय से ही संबंध रखते है।

    साफ छवि के कारण गिरीपार से उनके पक्ष में लोगों का समर्थन मिल रहा है तो सुखराम चौधरी की मुश्किलें बढ़ना लाजमी है और ऐसे में रूठें हुए कों मनाने की कोशिश की जा रही है। अब बात करें गिरीपार पुत्र मनीष तोमर की जो गिरीपार पुत्र का नारा लेकर विधानसभा चुनाव के रण के मैदान में उतरने वाले हैं।

    मनीष कुमार गिरी पार्षदों से संबंध रखते हैं। जिसके कारण गिरीपार की जनता का बड़ा काफिला उनके साथ आ खड़ा हुआ है यह भी माना जा रहा है कि सुखराम चौधरी की गिरिपार क्षेत्र से कई वोट भी कटने की संभावना है। यही नही भाजपा के कई कार्यकर्ता जो सुखराम कों समर्थन देते है।

    अब वह भी मनीष के साथ आ खड़े हुए है, ये भी बढ़ा कारण है कि जिसे पार्टी की ओर से कारण बताओ नोटिस थमा दिया अब उसे पार्टी में मनाने का प्रयास किया जा रहा है। समाजसेवी मदन शर्मा की जो लगातार युवाओं के साथ सम्पर्क बनाये है और ब्लू प्रिंट विकास का बना दिया गया है जो युवाओं की पहली पसंद बन रहा है।

    मदन शर्मा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के भी करीबी माने जाते हैँ, तो इसके कारण भी सुखराम चौधरी की मुश्किलें और बढ़ सकती है।
    अगर अब इनका राजनीतिक कैरियर दांव पर लग गया है अगर इनके बीच समझौता हो गया तो कहीं न कहीं जनता का विश्वास टूट जाए

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